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भारत-म्यांमार संबंधों को नई मजबूती, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ह्लाइंग के बीच अहम वार्ता

वीना टंडन
नई दिल्ली, 1 जून। भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में सोमवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बातचीत हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के बीच हुई बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, तकनीक, संपर्क और लोगों के आपसी संबंधों सहित कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सहयोग के नए अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया। माना जा रहा है कि यह बैठक भारत-म्यांमार संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भारत दौरे पर आए राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह कुतुब गोल्फ कोर्स स्थित राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में आयोजित विशेष प्रदर्शनी ‘द लाइट एंड द लोटस: रिलिक्स ऑफ द अवेकेंड वन’ का अवलोकन करेंगे। इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों को प्रदर्शित किया गया है, जो बौद्ध श्रद्धालुओं और शोधकर्ताओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं।

इससे पहले रविवार को राष्ट्रपति ह्लाइंग ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात कर सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी। वहीं शनिवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी उनसे मुलाकात की।

मुलाकात के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि म्यांमार के राष्ट्रपति के साथ उनकी सार्थक बातचीत हुई और भारत-म्यांमार सहयोग को और गहरा करने की उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ह्लाइंग की बैठक से दोनों देशों की साझेदारी को और गति मिलेगी।

राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे थे, जहां केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। स्वागत के बाद कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, सभ्यतागत और जन-जन के रिश्तों का प्रतीक है तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है।

राष्ट्रपति ह्लाइंग ने अपनी पांच दिवसीय भारत यात्रा की शुरुआत बिहार के गया से की थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के गहरे आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है तथा आपसी सहयोग की निरंतर मजबूती का प्रमाण है।

राष्ट्रपति बनने के बाद यू मिन आंग ह्लाइंग की यह पहली भारत यात्रा है। उनके साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। यात्रा के दौरान वह एक बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगे।

दो जून को राष्ट्रपति ह्लाइंग मुंबई का दौरा करेंगे, जहां वह उद्योग और व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे तथा विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण भी करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति ह्लाइंग की यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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