
भारत-अफगानिस्तान के कृषि रिश्तों को मिली नई गति, सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
वीना टंडन
नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच कृषि एवं खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, अक्टूबर 2025 के बाद अफगानिस्तान से भारत की यह चौथी मंत्री-स्तरीय यात्रा रही, जो दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते द्विपक्षीय संपर्क और सहयोग का संकेत है।
यात्रा के दौरान अफगानिस्तान के कृषि मंत्री ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने कृषि, सिंचाई, पशुधन विकास, कृषि अनुसंधान, शिक्षा, क्षमता निर्माण और कृषि व्यापार में जारी सहयोग की समीक्षा करते हुए भविष्य में साझेदारी के नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में खाद्य सुरक्षा, बेहतर बीज प्रणाली और फसल उत्पादकता बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे। भारत ने जलवायु परिवर्तन के अनुकूल फसल किस्मों, जैव-सशक्त फसलों, टिकाऊ सिंचाई तकनीकों, जल संरक्षण तथा जलग्रहण क्षेत्र विकास के माध्यम से अफगानिस्तान के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अपना सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
अफगान कृषि मंत्री ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से भी मुलाकात की। दोनों देशों के बीच कृषि एवं खाद्य उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण में मूल्य संवर्धन, बुनियादी ढांचे के विकास, तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण पर सहमति बनी।
इसके अलावा अफगान प्रतिनिधिमंडल ने विदेश राज्य मंत्री एवं कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से भी मुलाकात कर अफगान जनता के विकास और कल्याण से जुड़े विभिन्न द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने नाबार्ड, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), सीआईएमएमवाईटी, आईसीआरआईएसएटी, अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र (सीआईपी), अंतरराष्ट्रीय उर्वरक विकास केंद्र (आईएफडीसी), फिक्की तथा पीएचडीसीसीआई सहित देश के प्रमुख कृषि एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ भी संवाद कर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।






