
जिम कॉर्बेट में अनवील हुआ हिंदी फिल्म ‘डफ़र’ का टीज़र पोस्टर
मिस्ट्री और क्यूरियोसिटी से भरी शुरुआत
नई दिल्ली/उत्तराखंड,।
आगामी हिंदी फीचर फिल्म ‘डफ़र’ का अनाउंसमेंट टीज़र पोस्टर उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट में अनवील किया गया। यह लॉन्च इवेंट फिल्म की अनकन्वेंशनल और मिस्ट्री पर आधारित प्रकृति को सामने लाता है और दर्शकों में क्यूरियोसिटी पैदा करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया।
फिल्म की कहानी और प्रस्तुतिकरण को मेकर्स ने “जॉनर एनार्की” के रूप में पेश किया है, जिसका मतलब है कि यह किसी एक तय श्रेणी में बांधी नहीं जा सकती। दर्शकों को कहानी को समझने और अपने हिसाब से इंटरप्रेट करने का मौका मिलेगा।
फिल्म का निर्देशन मल्टीपल अवॉर्ड विनिंग फिल्ममेकर नकुल देव कर रहे हैं। यह उनकी सिग्नेचर लेयर्ड स्टोरीटेलिंग को बड़े सिनेमैटिक कैनवस पर आगे बढ़ाता है। पोस्टर में मुख्य किरदार का चेहरा जानबूझकर छुपाया गया है, जिससे एक तरह की फ्रेज़्ड एम्बिग्युइटी पैदा होती है और दर्शक खुद अनुमान लगाते हैं।
फिल्म का निर्माण एलीफैंटा फिल्म्स की डॉ. कोमल वर्मा कर रही हैं। फिल्म का टाइटल ‘डफ़र’ भी बोल्ड और सोच-समझकर रखा गया है। इसे सिर्फ नाम के तौर पर नहीं बल्कि चर्चा और इंटरप्रेटेशन के लिए एक स्टार्टिंग प्वाइंट के रूप में देखा जा रहा है।
क्रिएटिव डायरेक्शन और राइटिंग सुमन दिव्या द्वारा की गई है, जिनकी पहचान ऐसी कहानियों से रही है जिनमें नैरेटिव डेप्थ और स्ट्राइकिंग विज़ुअल आइडियाज़ दिखाई देते हैं।
अनवील किए गए पोस्टर में एक बैक-फेसिंग कैरेक्टर दिखाया गया है, जिसकी बॉडी पर क्रिप्टिक टैटूज़ बने हैं। यह सिटीस्केप के ऊपर उभरता हुआ प्रतीत होता है, जैसे कोई साइलेंट नॉइज़ या छिपी हुई कहानी बता रहा हो। मेकर्स ने पुष्टि की है कि चेहरे का खुलासा सही समय पर किया जाएगा, और वह एक बड़े ऐलान के साथ होगा।
पोस्टर लॉन्च को पारंपरिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की बजाय जिम कॉर्बेट में डेस्टिनेशन इवेंट के रूप में आयोजित किया गया, जो फिल्म की मिस्ट्री और अनकन्वेंशनल एप्रोच को दर्शाता है।
मेकर्स का कहना है कि ‘डफ़र’ सिर्फ एक कहानी बताने के लिए नहीं बल्कि दर्शकों में चर्चा, स्पेक्युलेशन और अनुमान लगाने की जगह पैदा करने के लिए बनाई गई है। फिल्म को कई भाषाओं में डब करके व्यापक दर्शकों तक पहुँचाने की योजना भी है। शुरुआती प्रतिक्रियाओं के आधार पर कहा जा सकता है कि फिल्म अपने उद्देश्य – क्यूरियोसिटी और जिज्ञासा के केंद्र में रहने – में सफल रही है।

