
सेहत मिशन’ लॉन्च, खेती से थाली तक बनेगी स्वास्थ्य की नई कड़ी
वीना टंडन
नई दिल्ली। देश में कुपोषण और तेजी से बढ़ रही बीमारियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाते हुए “सेहत मिशन” लॉन्च किया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री J. P. Nadda और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan की मौजूदगी में शुरू किए गए इस मिशन का उद्देश्य “हेल्दी फूड, हेल्दी फार्म और हेल्दी इंडिया” के विजन को आगे बढ़ाना है।
आईसीएआर और आईसीएमआर की संयुक्त पहल के रूप में शुरू हुए इस मिशन के तहत खेती, पोषण और स्वास्थ्य को वैज्ञानिक तरीके से जोड़ने पर काम किया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री Bhagirath Choudhary, आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जे.पी. नड्डा ने कहा कि “सेहत मिशन” भारत की नीति-निर्माण प्रक्रिया में बड़ा बदलाव लाएगा। अब सरकार केवल इलाज तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि रोकथाम, समय पर पहचान और निरंतर देखभाल पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक कृषि और स्वास्थ्य संस्थान अलग-अलग दिशा में काम करते रहे, लेकिन आईसीएआर और आईसीएमआर का साथ आना विज्ञान आधारित समाधान की नई शुरुआत है।
नड्डा ने कहा कि यह मिशन कुपोषण के साथ-साथ डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों से लड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश को अब केवल अधिक उत्पादन नहीं बल्कि पोषण-संपन्न उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा कि “क्या खाएं” के साथ-साथ “क्या उगाएं” पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है। चौहान ने भारतीय जीवन-दर्शन “हितभुक, मितभुक और ऋतुभुक” का जिक्र करते हुए कहा कि संतुलित और मौसम के अनुसार भोजन ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार है।
कृषि मंत्री ने बायो-फोर्टिफाइड फसलों, जिंक और आयरन से भरपूर किस्मों तथा कोदो, कुटकी, ज्वार, रागी और बाजरा जैसे पारंपरिक अनाजों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एकीकृत खेती केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम नहीं बल्कि परिवार के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य का आधार भी है।
सरकार के अनुसार “सेहत” यानी साइंस एक्सीलेंस फॉर हेल्थ थ्रू एग्रीकल्चरल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन के तहत पोषण गुणवत्ता सुधार, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी दूर करने, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और टिकाऊ खाद्य प्रणाली विकसित करने पर विशेष काम किया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह पहल आने वाले समय में “हेल्दी इंडिया” के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाएगी।






