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गणतंत्र दिवस समारोह में बैठने की व्यवस्था पर सियासी घमासान, कांग्रेस का आरोप—प्रोटोकॉल का उल्लंघन

वीना टंडन
नई दिल्ली।गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक परंपराओं और प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि पूरी व्यवस्था निश्चित प्रोटोकॉल के अनुसार ही की गई थी।
कांग्रेस का आरोप: लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ठेस
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष के साथ किया गया व्यवहार संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इस तरह की व्यवस्था प्रोटोकॉल के दायरे में आती है। उन्होंने इसे सरकार की सोच को दर्शाने वाला कदम बताया और कहा कि यह निर्णय राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।
कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं को हमेशा पहली पंक्ति में स्थान दिया जाता था। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय एकता का पर्व है और इस अवसर पर विपक्ष का अपमान स्वीकार्य नहीं है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को आगे की पंक्ति में बैठाया जाना चाहिए था।
प्रोटोकॉल और परंपरा पर कांग्रेस का जोर
कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने प्रोटोकॉल के महत्व पर बल देते हुए आरोप लगाया कि सरकार लगातार नेता प्रतिपक्ष के पद को कमजोर दिखाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोहों में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर संवैधानिक मर्यादाओं का पालन किया जाना चाहिए।
प्रोटोकॉल नियम क्या कहते हैं
आधिकारिक टेबल ऑफ प्रिसीडेंस के अनुसार, लोकसभा और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के समकक्ष होता है। राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी वारंट ऑफ प्रिसीडेंस के तहत राष्ट्रीय समारोहों में बैठने की व्यवस्था पद और संवैधानिक हैसियत के आधार पर तय होती है, न कि राजनीतिक दलों के आधार पर।
भाजपा का पलटवार
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया है। पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि बैठने की व्यवस्था पूर्व निर्धारित प्रारूप के अनुसार की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री भी उसी पंक्ति में या उससे पीछे बैठे थे, लेकिन किसी ने इसे मुद्दा नहीं बनाया।
भाजपा ने राहुल गांधी की पूर्व आयोजनों में अनुपस्थिति का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।

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