
इंजीनियरिंग और तकनीक में आगे बढ़ती छात्राएं विकसित भारत की दिशा तय करेंगी-मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
वीना टंडन
नई दिल्ली। इंजीनियरिंग, प्रबंधन और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही छात्राएं देश के विकसित भारत के लक्ष्य को दिशा देंगी। यह बात मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आज की युवा छात्राएं न केवल शिक्षा में बल्कि नवाचार, शोध और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रही हैं।
समारोह के दौरान कुल 1181 छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 31 पीएचडी, 212 मास्टर डिग्री और 938 स्नातक डिग्रियां शामिल हैं। इस अवसर पर छात्राओं और उनके अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
डिग्री केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं
मुख्यमंत्री ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्राप्त की गई डिग्री केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि जीवन के नए चरण की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि देश अब वूमेन-लेड डेवलपमेंट की दिशा में आगे बढ़ रहा है और विज्ञान, तकनीक, प्रबंधन तथा शोध के क्षेत्र में महिलाओं के लिए अपार अवसर उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार बेटियों की शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए नई पहलें कर रही है। इसी क्रम में शुरू की गई लखपति बिटिया योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर उसकी स्नातक शिक्षा पूरी होने तक सरकार चरणबद्ध तरीके से उसके खाते में आर्थिक सहायता देगी, जिससे वह उच्च शिक्षा या रोजगार के लिए मजबूत आधार तैयार कर सके।
महिलाएं भविष्य की निर्माता : शिक्षा मंत्री
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आज का दिन केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं बल्कि दुनिया को यह संदेश देने का है कि महिलाएं भविष्य की निर्माता हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की महिला सशक्तिकरण पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज महिलाएं ड्रोन तकनीक, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
नेत्रा नारी नेतृत्व परियोजना का जिक्र
इस दौरान नेत्रा नारी नेतृत्व परियोजना का भी उल्लेख किया गया। इसके तहत विश्वविद्यालय की छात्राओं ने दिल्ली पुलिस की महिला कर्मियों को निगरानी ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया है, जिससे तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत हुई है।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियां
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रंजना झा ने बताया कि संस्थान को पहले ही मूल्यांकन चक्र में नैक से ए+ ग्रेड और 3.27 सीजीपीए प्राप्त हुआ है। इसके अलावा टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग 2025 में ग्लोबल टॉप इनोवेटिव यूनिवर्सिटी श्रेणी में 52वां स्थान और क्यूएस एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग (दक्षिण एशिया) में 292वां स्थान हासिल हुआ है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की छात्राएं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। स्मार्ट इंडिया हैकाथान सहित कई प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय की टीमों ने पुरस्कार जीते हैं।
प्लेसमेंट में बना नया रिकॉर्ड
इस वर्ष प्लेसमेंट के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय ने नया रिकॉर्ड बनाया। एक छात्रा को एक करोड़ रुपये वार्षिक पैकेज मिला, जबकि कई छात्राओं को 64 लाख रुपये तक के पैकेज प्राप्त हुए। माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, अमेजन और वेल्स फार्गो जैसी प्रमुख कंपनियों ने भी बड़ी संख्या में छात्राओं का चयन किया।
कुलपति ने बताया कि पिछले वर्ष विश्वविद्यालय के शोधार्थियों और शिक्षकों द्वारा 400 से अधिक शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित किए गए और 19 पेटेंट प्राप्त हुए। साथ ही कई संकाय सदस्य स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में भी शामिल हुए हैं।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए दिल्ली सरकार ने नरेला में 50 एकड़ भूमि स्थायी परिसर के लिए आवंटित की है, जिससे भविष्य में शोध, नवाचार और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी।
समारोह के दौरान मेधावी छात्राओं को चांसलर गोल्ड मेडल सहित विभिन्न पुरस्कार भी प्रदान किए गए।



