
40 मिनट के नवजात की फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला में सफल मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी
स्टार न्यूज़ टेलीविजन
नई दिल्ली, 12 मार्च जन्म के महज 40 मिनट बाद एक नवजात शिशु की गंभीर हृदय समस्या का सफल उपचार कर डॉक्टरों ने उसे नया जीवन दिया। यह जटिल मिनिमली इनवेसिव कार्डियक प्रक्रिया फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा की गई।
जानकारी के अनुसार, गर्भावस्था के लगभग 30 सप्ताह के दौरान ही जांच में पता चल गया था कि अजन्मे शिशु के हृदय का एक वाल्व अत्यंत संकरा है और हृदय के आसपास तरल पदार्थ जमा हो रहा है। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए डॉक्टरों ने पहले से ही उपचार की योजना तैयार कर ली थी।
प्रेग्नेंसी के 31 सप्ताह के बाद सीजेरियन सेक्शन के जरिए शिशु का जन्म कराया गया। जन्म के तुरंत बाद डॉक्टरों की टीम ने उसे स्थिर किया और उन्नत अल्ट्रासाउंड-गाइडेड तकनीक की मदद से जन्म के 40 मिनट के भीतर बैलून एओर्टिक वॉल्वोटॉमी नामक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया पूरी की। इस प्रक्रिया के बाद शिशु के हृदय का वाल्व सही तरह से खुलने लगा और हार्ट फंक्शन में सुधार देखा गया।
इस जटिल उपचार का नेतृत्व डॉ नीरज अवस्थी, डायरेक्टर – पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी, ने किया। उन्होंने बताया कि यह अब तक के सबसे चुनौतीपूर्ण फीटल कार्डियक मामलों में से एक था। समय पर योजना, त्वरित कार्रवाई और मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम के समन्वय के कारण शिशु का जीवन बचाया जा सका।
समय से पहले जन्मे इस शिशु को बाद में नियोनेटल नर्सरी में रखा गया, जहां डॉक्टरों और नर्सों की निगरानी में उसकी देखभाल की गई और धीरे-धीरे उसकी स्थिति में सुधार होता गया। कुछ सप्ताह के उपचार के बाद अब शिशु को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ विक्रम अग्रवाल ने कहा कि यह सफलता उन्नत तकनीक, विशेषज्ञता और डॉक्टरों की टीम भावना का परिणाम है। वहीं शिशु के परिजनों ने डॉक्टरों और मेडिकल टीम के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनके लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।
फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड देश के प्रमुख स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक है, जो देशभर के कई राज्यों में अस्पताल, डायग्नोस्टिक और डे-केयर सेवाएं संचालित करता है।





