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“अब बहाने नहीं, परिणाम चाहिए” —मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

— दिल्ली बजट 2026 में विकास और जवाबदेही पर जोर

वीना टंडन
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट 2026 पेश करते हुए साफ संदेश दिया कि अब सरकार का फोकस केवल काम की डिलीवरी और जमीनी परिणामों पर रहेगा। उन्होंने कहा कि यह नई सरकार है और काम करने का तरीका भी पूरी तरह बदला हुआ है।
सीएम ने भरोसा दिलाया कि राजधानी में लंबे समय से अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा और जनता के पैसे का सही हिसाब सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “दिल्ली को अब हेडलाइन्स नहीं, गाइडलाइन्स के साथ काम चाहिए और हर नागरिक को उसका हक दिलाना हमारी जिम्मेदारी है।”
कैपिटल एक्सपेंडिचर पर सबसे बड़ा दांव
इस बार के बजट में पूंजीगत खर्च (कैपिटल एक्सपेंडिचर) पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली के समग्र विकास के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटन इस मद में किया गया है, ताकि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहकर जमीन पर दिखाई दें।
पिछली सरकार पर साधा निशाना
रेखा गुप्ता ने पूर्व सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली पर ₹47,000 करोड़ से अधिक का कर्ज छोड़ा गया, जिसमें से ₹27,547 करोड़ अब भी बकाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक प्रोजेक्ट में बिना काम के ही ₹250 करोड़ का भुगतान कर दिया गया, जो गंभीर अनियमितता का संकेत है।
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार खिलाड़ियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), स्कॉलरशिप, अवॉर्ड्स और किशोरी योजना से जुड़े लंबित भुगतान को तेजी से पूरा कर रही है।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का ऐलान
बजट में राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई है। मुनक नहर के साथ ₹5,000 करोड़ की लागत से एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी, जिससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा मेट्रो विस्तार, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को बढ़ावा और सड़कों के व्यापक निर्माण पर भी फोकस रखा गया है।
ग्रीन दिल्ली और प्रशासनिक सुधार
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने पहली बार 4,200 हेक्टेयर रिज एरिया को फॉरेस्ट लैंड घोषित किया है। साथ ही अगले चार वर्षों में 35 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।
प्रशासनिक सुधारों के तहत लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, फायर एनओसी को पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा और 1.5 लाख से अधिक प्रॉपर्टीज को बिजली कनेक्शन देने की योजना भी बनाई गई है।
कुल मिलाकर, दिल्ली बजट 2026 को विकास, पारदर्शिता और तेज प्रशासनिक कामकाज की दिशा में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

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