
रियाद स्थित एएमयू पूर्व छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय को शैक्षणिक व आधारभूत संरचना सहयोग प्रदान किया
अलीगढ़:अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और उसके वैश्विक पूर्व छात्र नेटवर्क के बीच मज़बूत और दीर्घकालिक संबंधों को और सुदृढ़ करते हुए, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन (AMUOBA), रियाद ने छात्रवृत्तियों, वित्तीय सहायता और महत्वपूर्ण शैक्षणिक सुविधाओं के उद्घाटन के माध्यम से विश्वविद्यालय को उल्लेखनीय शैक्षणिक एवं आधारभूत संरचना सहयोग प्रदान किया है।
AMUOBA रियाद के अध्यक्ष डॉ. इनामुल्लाह बेग ने कुलपति प्रोफेसर नाइमा खातून से भेंट कर छात्र कल्याण के लिए 10 लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने विश्वविद्यालय की सभी फैकल्टियों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों के लिए 100 छात्रवृत्तियाँ प्रदान करने की घोषणा भी की, जिनमें बड़ी संख्या छात्राओं के लिए निर्धारित है। इस अवसर पर प्रो-कुलपति प्रोफेसर एम. मोहसिन ख़ान, कुलसचिव प्रोफेसर आसिम ज़फ़र, वित्त अधिकारी नूर-उस-सलाम तथा संयुक्त कुलसचिव सुरूर अतर उपस्थित थे।
कुलपति प्रोफेसर नइमा खातून ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एएमयू के पूर्व छात्रों ने सदैव अपनी मातृ संस्था के प्रति गहरी निष्ठा और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का वित्तीय और संस्थागत सहयोग शैक्षणिक पहुँच और विकास को मज़बूती प्रदान करता है तथा उन्होंने विश्वभर में बसे पूर्व छात्रों से विश्वविद्यालय की उन्नति में निरंतर योगदान देने की अपील की।
डॉ. बेग ने आश्वासन दिया कि AMUOBA रियाद चैप्टर भविष्य में भी विश्वविद्यालय की विभिन्न पहलों का सक्रिय समर्थन करता रहेगा। छात्रवृत्तियों के अतिरिक्त, संगठन ने एसटीएस स्कूल के लिए कक्षा-कक्ष फर्नीचर भी उपलब्ध कराया है, जिससे परिसर की आधारभूत संरचना को और सशक्त बनाया गया है।
पूर्व छात्रों के सहयोग से आरंभ की गई पहलों के अंतर्गत एएमयू के अहमदी स्कूल फ़ॉर द विज़ुअली चैलेंज्ड में टचसेंस ब्रेल लैब का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया। इस सुविधा का उद्घाटन कुलपति द्वारा किया गया तथा इसे AMUOBA रियाद की ओर से प्रदान किए गए उन्नत सहायक उपकरण ऑर्बिट रीडर-20 से और सुदृढ़ किया गया। यह पहल समावेशी और प्रौद्योगिकी-समर्थ शिक्षा के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रोफेसर नइमा खातून ने कहा कि सहायक तकनीकों का समावेश विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के लिए सम्मान, आत्मनिर्भरता और समान शैक्षणिक अवसर सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ते हैं।
कार्यक्रम में प्रो-कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद मोहसिन ख़ान, कुलसचिव प्रोफेसर आसिम ज़फ़र, निदेशक डीएसई प्रोफेसर क़ुदसिया तहसीन, उप-निदेशक प्रोफेसर मोहम्मद आज़म ख़ान, वित्त अधिकारी नूर-उस-सलाम, प्रोफेसर सरताज तबस्सुम, संयुक्त कुलसचिव सुरूर अतर, डॉ. मिस्बाहुल अरफ़िन और प्रोफेसर इफ़्फ़त असगर उपस्थित थे। अह्मदी स्कूल की प्राचार्या डॉ. नाइला राशिद ने कहा कि यह ब्रेल लैब दृष्टिबाधित छात्रों के लिए डिजिटल सामग्री तक स्वतंत्र पहुँच को बेहतर बनाएगी तथा उनकी पठन और समझ की क्षमता को सशक्त करेगी। कार्यक्रम का समन्वय सुश्री सना शमशाद, टीजीटी (कंप्यूटर) ने किया।
छात्र सहायता सेवाओं को और मज़बूत करते हुए, एएमयू के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिस (जनरल) में पाँच कंप्यूटर प्रणालियों से सुसज्जित एक नई कंप्यूटर लैब का भी उद्घाटन किया गया। AMUOBA रियाद द्वारा दान की गई इस सुविधा का उद्देश्य छात्रों को करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास और रोज़गार-योग्यता में सहायता प्रदान करना है।
उद्घाटन समारोह में डॉ. इनामुल्लाह बेग, प्रोफेसर सरताज तबस्सुम और संयुक्त कुलसचिव सुरूर अतर उपस्थित रहे। छात्रों से संवाद करते हुए डॉ. बेग ने उन्हें करियर की तैयारी और कौशल विकास के लिए इस सुविधा के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की मेज़बानी ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर (जनरल) साद हमीद ने सहायक टीपीओ डॉ. मुज़म्मिल मुश्ताक और डॉ. सुहैलिया परवीन के साथ की।
इन सभी पहलों को धरातल पर उतारने में संयुक्त कुलसचिव सुरूर अतर की भूमिका महत्वपूर्ण रही, जिनके प्रभावी समन्वय और प्रयासों से पूर्व छात्रों का सहयोग ठोस शैक्षणिक और आधारभूत संरचना परिणामों में परिवर्तित हो सका।



