
लाल किले से पीएम मोदी का शक्ति मंत्र: देश की प्रगति के लिए ‘सप्तधारा’ का आह्वान
वीना टंडन
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास और सामर्थ्य को नई दिशा देने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए हर क्षेत्र में अपनी क्षमता को मजबूत करना होगा।
प्रधानमंत्री ने देश की शक्ति को सात प्रमुख धाराओं से जोड़ते हुए युवा शक्ति, नारी शक्ति, किसान शक्ति, श्रम शक्ति, ज्ञान-विज्ञान एवं नवाचार, उद्योग-व्यापार और देश की सुरक्षा-सामरिक शक्ति को विकास की मजबूत नींव बताया।
उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसके करोड़ों नागरिकों की प्रतिभा, मेहनत और संकल्प में है। जब देश की अलग-अलग शक्तियां एक दिशा में आगे बढ़ेंगी, तो भारत की विकास यात्रा और तेज होगी।
लाल किले से प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को जन-जन का संकल्प बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सामूहिक प्रयास और राष्ट्रीय एकजुटता सबसे बड़ी ताकत है।






