
वीना टंडन
नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित मिशन प्रमुखों के 11वें सम्मेलन में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारत की कूटनीति को भविष्य के लिए तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यापार, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारियों को आगे बढ़ाकर भारत की वैश्विक भागीदारी को और मजबूत किया जाएगा, साथ ही प्रवासी भारतीयों से रिश्तों को और गहरा किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य विषय ‘2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार’ रहा। इस दौरान प्रधानमंत्री को भविष्य की कूटनीति, 3T—ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म—को बढ़ावा देने और दुनिया में भारत की सकारात्मक छवि को विस्तार देने पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं।
प्रधानमंत्री ने मिशन प्रमुखों, राजदूतों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए उनके विचार सुने और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कूटनीतिक दिशा पर मार्गदर्शन भी दिया। सम्मेलन में तेजी से बदलते वैश्विक हालात के बीच भारत की राजनयिक पहुंच बढ़ाने पर गहन मंथन हुआ।
तीन दिवसीय इस सम्मेलन में योग सत्र, विचार-विमर्श, टेबल टॉप अभ्यास और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ उभरती तकनीकों पर चर्चा की गई।
इससे पहले 29 अप्रैल को विदेश मंत्री S. Jaishankar ने उद्घाटन संबोधन में कहा कि पिछले एक दशक में भारत की वैश्विक भागीदारी में बड़ा विस्तार हुआ है। उन्होंने जोर दिया कि अस्थिर वैश्विक माहौल में भारतीय कूटनीति राष्ट्रीय हितों की रक्षा और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह सक्रिय

