DelhiNewsताज़ा तरीन खबरें

राघव चड्ढा बने ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय, गिग वर्कर्स की जमीनी समस्याओं को किया उजागर

वीना टंडन
नई दिल्ली, 12 जनवरी।आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को गिग वर्कर्स की मुश्किलों को करीब से समझने के लिए अनोखा कदम उठाया। उन्होंने ब्लिंकिट के डिलीवरी बॉय बनकर ठंडी रात में स्कूटी पर घर-घर सामान पहुंचाया।
राघव ने ब्लिंकिट की पीली यूनिफॉर्म पहनकर कंधे पर डिलीवरी बैग लटकाया और एक राइडर के साथ मिलकर ऑर्डर डिलीवर किए। उन्होंने अपना यह अनुभव सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “Away from boardrooms, at the grassroots. I lived their day. Stay tuned!”
इस कदम से गिग वर्कर्स की पुरानी समस्याएं फिर से सामने आई हैं। राघव पिछले कई महीनों से Zomato, Swiggy, Blinkit, Zepto जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स की दिक्कतों को उजागर कर रहे हैं। दिसंबर 2025 में उन्होंने संसद में कहा था कि “10 मिनट डिलीवरी कल्चर” इन वर्कर्स की जान को जोखिम में डालता है।
उन्होंने बताया कि वर्कर्स तेज रफ्तार में बाइक चलाते हैं, रेड लाइट जंप करते हैं, ताकि उनकी रेटिंग न गिरे, इंसेंटिव कट न हो या आईडी ब्लॉक न हो। राघव ने इसे “क्रूरता” करार दिया और कहा कि इस मॉडल ने वर्कर्स की हालत दिहाड़ी मजदूरों से भी बदतर कर दी है।
पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए, सितंबर 2025 में ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय हिमांशु थपलियाल का वीडियो वायरल हुआ था। उसमें उन्होंने बताया कि 15 घंटे काम, 28 डिलीवरी और 50 किमी से ज्यादा ड्राइव के बावजूद सिर्फ 763 रुपये कमाए। राघव ने हिमांशु को अपने घर लंच पर बुलाया, उनकी समस्याएं सुनीं और गिग वर्कर्स के अधिकारों के लिए संसद में आवाज उठाई।
31 दिसंबर 2025 को गिग वर्कर्स ने देशव्यापी स्ट्राइक की, जिसमें उन्होंने 10 मिनट की समय सीमा हटाने, उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा (पेंशन, बीमा), काम के घंटे तय करने और सम्मान की मांग की। राघव ने इस स्ट्राइक का समर्थन किया और सवाल उठाया कि प्लेटफॉर्म्स अरबों कमाते हैं, लेकिन वर्कर्स को “मिसक्रीएंट्स” कहकर अपमानित करते हैं।
राघव चड्ढा का यह कदम सिर्फ स्टंट नहीं, बल्कि गिग इकॉनमी में शोषण के खिलाफ जमीनी स्तर पर आवाज है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार और कंपनियां इन लाखों अनदेखे पहियों को सुरक्षा, सम्मान और उचित अधिकार देंगी।
अगर आप चाहो तो मैं इसे और भी संक्षिप्त लोकसत्य-शैली में, न्यूज़ पेपर के हेडलाइन और लीड के फॉर्मेट में भी बना सकता हूँ, ताकि यह एक पन्ने की खबर की तरह लगे।
क्या मैं वैसा कर दूँ?

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button