
नीट पेपर लीक पर दिल्ली में सियासी घमासान, आज भी संसद मार्च पर अड़ी सीजेपी
पुलिस कार्रवाई के विरोध में सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने का फैसला टाला हिंसा और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ के मामले में अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज
वीना टंडन
नई दिल्ली, लोकसत्य। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन नीट पेपर लीक मुद्दे पर राजधानी का राजनीतिक माहौल गरमा गया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद मंगलवार को भी तनाव बना हुआ है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि उसका संसद मार्च मंगलवार को भी जारी रहेगा।
सोमवार को प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की। स्थिति बिगड़ने पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और हल्का बल प्रयोग किया गया। इसके बाद कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी रही।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल से कहा कि उनकी पार्टी आंदोलन से पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती और बर्बरता की। उनके अनुसार, संसद तक मार्च मंगलवार को भी जारी रहेगा।
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए अपना आमरण अनशन समाप्त करने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। दिपके का दावा है कि वांगचुक अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया और अनशन जारी रखने का फैसला किया।
इधर, संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।







