
डिजिटल परिवर्तन ने संचार की गति ओर प्रभाव दोनो को बढ़ा दिया है डॉ अर्चना मिश्रा
स्टार न्यूज़ टेलीविजन
पंचकूला – ( प्रीति धारा ) डिजिटल परिवर्तन के संचार, संस्कृति और समाज पर पड़ रहे प्रभावों पर केंद्रित डिजिटल रूपांतरण: संचार, संस्कृति और समाज पर अंतर्विषयक दृष्टिकोण विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ भीम राव अम्बेडकर नेशनल यूनिवर्सिटी , सोनीपत की पूर्व कुलपति डॉ अर्चना मिश्रा ने संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि डिजिटल परिवर्तन ने समाज की गति और प्रभाव दोनो को बढ़ा दिया है । डिजिटल प्लेटफार्म के सामाजिक व सांस्कृतिक प्रभावो का गम्भीर अध्ययन समय की आवश्यकता है ।
संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों, मीडिया विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।कॉलेज की प्राचार्या डॉ शैलजा छाबड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल तकनीक ने शिक्षा, मीडिया और समाज के स्वरूप को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। उच्च शिक्षण संस्थानों की यह जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच, नैतिक विवेक और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करें।
सेमिनार की मुख्य वक्ता प्रो शिखा राय ने कहा कि डिजिटल संस्कृति सत्ता, पहचान और प्रतिनिधित्व के नए रूप गढ़ रही है और शोधार्थियों को इसके सामाजिक प्रभावों पर गहन अध्ययन करना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो अमित ने कहा कि फेक न्यूज़, साइबर नैतिकता और डिजिटल असमानता जैसे विषयों पर अकादमिक संवाद अत्यंत आवश्यक है।
सेमिनार की समन्वय प्रो चित्रा तंवर ने कहा कि इस संगोष्ठी का उद्देश्य डिजिटल परिवर्तन को संचार, संस्कृति और समाज के व्यापक संदर्भ में समझना रहा है। संगोष्ठी के सह समन्वयक डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि समानांतर तकनीकी सत्रों के माध्यम से सार्थक अकादमिक संवाद संभव हो सका।
संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ अनिल कुमार पाण्डेय ने बताया कि सेमिनार में 85 से अधिक शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने सहभागिता की। राष्ट्रीय संगोष्ठी में राष्ट्रीय फ़ैशन टेक्नोलॉजी संस्थान से डॉ अभिनव गर्ग, डॉ. मारिसा अग्रवाल, डॉ अन्नू बिजारणियां, डॉ रश्मि सिंह, डॉ सुरेश दुग्गल, प्रयागराज से डॉ साधना श्रीवास्तव, गलगोटिया विश्वविद्यालय से डॉ भवानी शंकर जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय से डॉ उमेश कुमार और प्रो अद्वितीय खुराना की विशेष उपस्थिति रही।
सेमिनार के समापन सत्र में उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा से संयुक्त निदेशक डॉ अजीत सिंह और वरिष्ठ संपादक आशीष तिवारी उपस्थित रहे। डॉ अजीत सिंह ने कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठियाँ शोध संस्कृति को सशक्त बनाती हैं, वहीं संपादक आशीष तिवारी ने अकादमिक और मीडिया संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। सेमिनार का संचालन डॉ अनिल कुमार पाण्डेय ने और आभार डॉ नवीन कुमार ने जताया।





