
UPI पर शुल्क का ऐलान, सदर बाजार में व्यापारियों का हल्लाबोल
‘व्यापारियों पर नया बोझ नहीं सहेंगे’—परमजीत सिंह पम्मा की अगुवाई में जोरदार प्रदर्शन ₹2 हजार से अधिक के डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित MDR का विरोध, शुल्क वापस लेने की मांग
वीना टंडन
नई दिल्ली, । UPI लेन-देन पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर व्यापारियों का विरोध तेज हो गया है। सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा की अध्यक्षता में बुधवार को सदर बाजार में व्यापारियों ने प्रदर्शन कर UPI भुगतान पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क लगाने का विरोध किया। व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को शुल्क मुक्त रखने और उन पर नया आर्थिक बोझ नहीं डालने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने “व्यापारियों पर नया बोझ, नहीं सहेंगे—नहीं सहेंगे”, “UPI हमारा अधिकार, शुल्क लगाना बंद करो” और “डिजिटल भुगतान पर शुल्क बंद करो” जैसे नारे लगाए। व्यापारियों का कहना था कि डिजिटल भुगतान आज कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में इस पर अतिरिक्त लागत लगाने से छोटे और मध्यम कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
₹5 हजार के भुगतान पर करीब ₹20 शुल्क का उदाहरण
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ₹2,000 से अधिक के पात्र Person-to-Merchant (P2M) UPI लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेन-देन बताई गई है। उन्होंने कहा कि भले ही यह शुल्क सीधे ग्राहक से नहीं लिया जाएगा, लेकिन इसका आर्थिक असर व्यापारी पर ही पड़ेगा।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ₹5,000 के UPI भुगतान पर करीब ₹20, ₹10,000 पर ₹40, ₹20,000 पर ₹80 और ₹50,000 के लेन-देन पर करीब ₹200 तक MDR बन सकता है। बड़े लेन-देन में यह राशि अधिकतम ₹300 प्रति लेन-देन तक पहुंच सकती है।
महीने में हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने की चिंता
पम्मा ने कहा कि मध्यम वर्ग के व्यापारियों के लिए यह अतिरिक्त शुल्क हर महीने करीब ₹2,000 से ₹5,000 तक का बोझ बन सकता है। जिन कारोबारियों के यहां रोजाना बड़ी संख्या में UPI के जरिए भुगतान होते हैं, उनके लिए छोटी प्रतिशत राशि भी महीने के अंत तक बड़ी लागत में बदल सकती है।
उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम व्यापारी पहले से ही महंगाई, दुकान के किराये, कर्मचारियों के वेतन, बिजली-पानी और अन्य बढ़ते कारोबारी खर्चों से जूझ रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत व्यापारियों की परेशानी और बढ़ाएगी।
‘डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे सरकार’
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि सरकार को डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करना चाहिए, न कि उस पर शुल्क लगाकर व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालना चाहिए। उन्होंने मांग की कि छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए UPI पर MDR लागू करने के फैसले को वापस लिया जाए और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापारियों के लिए शुल्क मुक्त रखा जाए।
उन्होंने कहा कि ₹2,000 तक के P2M UPI लेन-देन पर शुल्क नहीं होने के बावजूद ₹2,000 से अधिक के पात्र लेन-देन पर MDR की व्यवस्था व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।
आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी
सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेड्स एसोसिएशन ने कहा कि यदि UPI शुल्क का प्रस्तावित बोझ वापस नहीं लिया गया तो व्यापारी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध और आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे।
प्रदर्शन में व्यापारी नेता दीपक निम्भल, वरिंदर अरोड़ा, जसविंदर सिंह, दीपक निप्पल, रजनीश, राजेश भयना, जसबीर सिंह सरना, बलविंदर सिंह सरना, राजीव सोहर और तरुण सोनी समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।






