
‘रामायण’ फिल्म पर घमासान तेज, लवकुश रामलीला कमेटी ने स्वरा भास्कर को दी नसीहत
रणबीर कपूर की फिल्म में रामायण से छेड़छाड़ हुई तो जोरदार विरोध की चेतावनी, 11 से 21 अक्टूबर तक होगा भव्य रामलीला मंचन
वीना टंडन
नई दिल्ली। राजधानी में रामलीला मंचन की तैयारियों के साथ ही फिल्म रामायण को लेकर सियासी और सांस्कृतिक बहस भी तेज हो गई है। विश्वविख्यात लवकुश रामलीला कमेटी ने रविवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में अभिनेत्री स्वरा भास्कर के बयानों पर पलटवार किया। कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा कि सनातन संस्कृति को समझने के लिए पहले रामायण और रामलीला की परंपरा को जानना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के जीवन प्रसंग भारतीय मूल्यों और संस्कृति से गहराई से जुड़े हैं।
फिल्म में छेड़छाड़ हुई तो विरोध पर अडिग रामलीला महासंघ
अर्जुन कुमार ने कहा कि रामलीला महासंघ रणबीर कपूर अभिनीत फिल्म रामायण के विरोध के अपने निर्णय पर कायम है। उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माताओं को पत्र भेजकर फिल्म रिलीज से पहले रामलीला आयोजकों के लिए विशेष स्क्रीनिंग कराने की मांग की गई है। उनका कहना था कि यदि फिल्म में रामायण के प्रसंगों के साथ किसी भी तरह की तोड़-मरोड़ सामने आती है तो इसका जोरदार विरोध किया जाएगा।
रावण बनेंगे राजप्रेमी, नारद का किरदार निभाएंगे पेंटल
प्रेस वार्ता में इस वर्ष रामलीला में प्रमुख किरदार निभाने वाले फिल्मी कलाकारों से भी मीडिया को रूबरू कराया गया। अभिनेता राजप्रेमी रावण की भूमिका में नजर आएंगे। उन्होंने पौराणिक धारावाहिकों और फिल्मों में काम किया है तथा संजय खान के धारावाहिक जय हनुमान में भी प्रमुख भूमिका निभा चुके हैं।
वहीं दिग्गज अभिनेता पेंटल यानी कंवरजीत सिंह नारद मुनि का किरदार निभाएंगे। यह पहली बार होगा जब वह लाइव रामलीला में नारद मुनि की भूमिका निभाएंगे। अभिनेता एवं गायक शंकर साहनी केवट की महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई देंगे। तीनों कलाकारों ने रामलीला का हिस्सा बनने पर उत्साह जताया।
140 फुट लंबा भव्य मंच, एक लाख एलईडी से जगमगाएगा सेट
अर्जुन कुमार ने बताया कि इस बार रामलीला के लिए 140 फुट लंबे, 60 फुट चौड़े और 45 फुट ऊंचे चार मंजिला मंच का निर्माण कराया जा रहा है। मंच की थीम मदुरै के विश्वविख्यात मीनाक्षी मंदिर पर आधारित होगी। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, गुजरात, राजस्थान, मथुरा और वृंदावन के कारीगर कई महीनों से इसके निर्माण में जुटे हैं।
मंच पर मंदिर की नक्काशी, गुंबद और स्तंभ भारतीय शिल्पकला की झलक दिखाएंगे। करीब एक लाख मल्टीकलर एलईडी लाइट्स के जरिए मंच को अलग-अलग रंगों और रोशनी से सजाया जाएगा। इसके अलावा 31 फुट ऊंचा कैलाश पर्वत और घने जंगल का सेट भी तैयार किया जा रहा है।
पानी से लेकर जंगल तक दिखेगा ‘विजुअल इफेक्ट’
कमेटी के मुताबिक राम-सीता-लक्ष्मण के वनगमन और केवट द्वारा नाव से नदी पार कराने के प्रसंग को विजुअल इफेक्ट्स के जरिए जीवंत बनाया जाएगा। मंच पर नदी और चलती नाव का दृश्य दर्शकों को देखने को मिलेगा। जंगल के दृश्यों में पक्षियों की आवाज, पशुओं की मौजूदगी और प्राकृतिक वातावरण का प्रभाव पैदा करने की तैयारी है।
मंच की दूसरी मंजिल पर 3डी मैपिंग और 135×14 फुट की विशाल एलईडी स्क्रीन के साथ डिजिटल डॉल्बी साउंड का इस्तेमाल होगा। तीसरी मंजिल पर देवी-देवताओं के आकाश में विचरण और श्रीराम पर पुष्पवर्षा के दृश्य प्रस्तुत किए जाएंगे। युद्ध के दृश्यों में 70 फुट तक की ऊंचाई पर भूत-प्रेत, पिशाच और राक्षसों के दृश्य भी विशेष प्रभावों के साथ दिखाए जाएंगे।
11 से 21 अक्टूबर तक रामलीला, 20 को रावण दहन
कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि रामलीला मंचन 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक होगा। दशहरा पर्व और रावण दहन 20 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां और राजनीतिक दलों के नेता भी अलग-अलग किरदारों में मंच पर नजर आएंगे।
20 सितंबर को भूमि पूजन, 17 को स्वास्थ्य मेला
कमेटी के चेयरमैन पवन गुप्ता ने बताया कि 20 सितंबर को भूमि पूजन समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, निगम पार्षदों और अन्य गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा।
वहीं 17 सितंबर को लालकिला मैदान में स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार इसमें दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण, ट्राईसाइकिल, चश्मे और कानों की मशीन आदि उपलब्ध कराने के साथ आंखों की जांच तथा ऑपरेशन के लिए चयन की सुविधा भी दी जाएगी।





