Entertainment & SportsDelhiNewsTrendingताज़ा तरीन खबरें

रिटर्न ऑफ द जंगल

दोस्ती, प्रतियोगिता और सीख से भरपूर शानदार एनिमेटेड फिल्म

रेटिंग: 3.5 स्टार
वीना टंडन
नई दिल्ली।भारतीय एनीमेशन इंडस्ट्री लगातार नए प्रयोगों और बेहतर तकनीक के साथ आगे बढ़ रही है और इसी कड़ी में निर्देशक वैभव कुमारेश की एनिमेटेड फिल्म “रिटर्न ऑफ द जंगल” एक मजबूत और प्रभावशाली कोशिश बनकर सामने आई है। करीब दो घंटे की यह फिल्म सिर्फ बच्चों के मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि दोस्ती, टीमवर्क, खेल भावना और भारतीय संस्कारों का खूबसूरत संदेश भी देती है।

फिल्म को हाल ही में मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया, जहां इसे दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। फिल्म का वीएफएक्स और एनीमेशन क्वालिटी बेहद शानदार है, जो इसे इंटरनेशनल स्तर की फिल्मों की कतार में खड़ा करने की कोशिश करता नजर आता है।

कहानी में दोस्ती और प्रतियोगिता का तड़का

फिल्म की कहानी केंद्रीय विद्यालय के बच्चों के इर्द-गिर्द घूमती है। राहुल मल्होत्रा नाम का छात्र खुद को किसी सुपरहीरो से कम नहीं समझता और स्कूल की हर प्रतियोगिता में जीत हासिल करता है। वहीं दूसरी तरफ छोटू और उसके दोस्त इस बार स्कूल की सभी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का फैसला करते हैं।

फैशन शो से लेकर क्रिकेट मुकाबलों तक फिल्म में कई दिलचस्प प्रतियोगिताएं दिखाई गई हैं। इन सबके बीच बच्चों की दोस्ती, संघर्ष और चुनौतियों को बेहद भावनात्मक और मनोरंजक तरीके से पेश किया गया है।

फिल्म में ‘थाथा’ का किरदार सबसे खास बनकर उभरता है। पंचतंत्र शैली से प्रेरित यह चरित्र बच्चों को हर मुश्किल परिस्थिति में सही राह दिखाता है और जीवन की सीख देता है।

15 साल की मेहनत का नतीजा

इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाने में करीब 15 साल का समय लगा। बिना किसी बड़ी स्टार कास्ट के बनी यह फिल्म निर्माता और निर्देशक वैभव कुमारेश और उनकी टीम के लंबे संघर्ष और समर्पण का परिणाम है।

फिल्म यह भी दिखाती है कि भारतीय एनीमेशन इंडस्ट्री में युवा फिल्म निर्माता अब नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं और अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

पूरे परिवार के लिए शानदार मनोरंजन

“रिटर्न ऑफ द जंगल” सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, बल्कि पूरे परिवार के साथ देखने वाली फिल्म है। यह फिल्म बच्चों को खेल भावना, हार-जीत को स्वीकार करना और मिल-जुलकर आगे बढ़ने की सीख देती है।

अगर आप इस बार अपने बच्चों के साथ कुछ नया, मनोरंजक और सीख देने वाला सिनेमा देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।

लेखक, निर्माता और निर्देशक: वैभव कुमारेश
सेंसर सर्टिफिकेट: यू
अवधि: 124 मिनट
रेटिंग: 3.5/5

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button