
राष्ट्रपति भवन में राजाजी की प्रतिमा का अनावरण,
एडविन लुटियंस की प्रतिमा हटाई गई
-औपनिवेशिक विरासत से आगे बढ़ने की दिशा में बड़ा कदम
वीना टंडन
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन स्थित अशोक मंडप के पास ग्रैंड ओपन सीढ़ी पर भारत के प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी एवं राजनेता सी.राजागोपालाचारी (राजाजी) की प्रतिमा का अनावरण किया। इस स्थान पर पहले ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा स्थापित थी।
राष्ट्रपति ने इस संबंध में आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह पहल औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को मिटाने और भारत की समृद्ध संस्कृति, विरासत तथा शाश्वत परंपराओं को गर्व से अपनाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन महान भारतीय व्यक्तित्वों को सम्मानित करने के व्यापक राष्ट्रीय प्रयास का प्रतीक है, जिन्होंने भारत माता की सेवा में असाधारण योगदान दिया।
‘राजाजी उत्सव’ में जुटीं कई प्रमुख हस्तियां
राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘राजाजी उत्सव’ कार्यक्रम में सी. पी. राधाकृष्णन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे. पी. नड्डा विदेश मंत्री एस.जयशंकर , शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान , संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत Shekhawat, सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन सहित राजाजी के परिजन उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि यह अनावरण औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
स्वतंत्र भारत के अंतिम गवर्नर जनरल थे राजाजी
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि राजगोपालाचारी एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, विद्वान और दूरदर्शी राजनेता थे। उन्होंने वर्ष 1948 से 1950 तक स्वतंत्र भारत के अंतिम गवर्नर जनरल के रूप में सेवा दी और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस आयोजन ने राष्ट्रीय प्रतीकों को सम्मान देने और गणतंत्र की प्रमुख संस्थाओं में भारत की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है।


