
नए बजट 2026-27 सबसे प्रचलित विकास की मजबूत नींव
स्टार न्यूज़ टेलीविजन उत्तर प्रदेश
आगरा:-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यूनियन बजट 2026-27 आम नागरिक की रोजमर्रा की महंगाई को सीधे प्रभावित नहीं करता, लेकिन यह बजट देश की आर्थिक दिशा, रोजगार सृजन और निर्यात बढ़ाने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
डवलपमेंट काउंसिल फॉर फुटवियर एंड लेदर इंडस्ट्री (डीसीएफएलआई) के अध्यक्ष, पूरन डावर ने कहा कि बजट में उत्पाद शुल्क और सेवा कर को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है, क्योंकि ये कर पहले ही जीएसटी में समाहित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि बजट में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति देने पर जोर दिया गया है।
बजट में एमएसएमई सेक्टर को केंद्र में रखा गया है, विशेष रूप से वस्त्र, चमड़ा और फुटवियर जैसे उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है। निर्यात आधारित प्रोत्साहन उपायों से इन उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है।
पूरन डावर ने कहा कि बजट उद्योग के लिए सकारात्मक है और आईजीसीआर योजना के तहत इनपुट्स की सूची का विस्तार करना उद्योग की लंबे समय से चली आ रही मांग थी। इससे जूते के अपर (ऊपरी हिस्से) के निर्यात के लिए इनपुट्स को ड्यूटी-फ्री आयात किया जा सकेगा, जिससे लागत घटेगी और भारतीय फुटवियर व लेदर उद्योग की निर्यात क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।





