
सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, शिक्षा सुधार और पेपर लीक पर सरकार से आश्वासन के बाद लिया फैसला
वीना टंडन
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना अनशन समाप्त कर दिया। वांगचुक NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वांगचुक के साथ बड़ी संख्या में छात्र भी दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं, जिन पर चर्चा के बाद अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
प्रमुख मांगें
सरकार शिक्षा व्यवस्था और हालिया पेपर लीक मामलों की पूर्ण जिम्मेदारी स्वीकार करे।
पेपर लीक से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवा नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाए।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बातचीत और सरकार की ओर से सकारात्मक पहल के आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक उनकी मुहिम जारी रहेगी।






