
मनरेगा खत्म करने का निर्णय ग्रामीण मजदूरों को गुलाम बनाने की साज़िश
स्टार न्यूज़ टेलिविजन
बुलबुल पाण्डेय
गाजीपुर / ब्यूरो रिपोर्ट: ग्रामीण मजदूरों की अखिल भारतीय हड़ताल के अवसर पर अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा(खेग्रामस) के नेतृत्व में ग्रामीण मजदूरों ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त एसडीएम को सौंपा।इस अवसर पर चर्च कम्पाउन्ड से सरयू पाण्डेय पार्क तक मार्च निकाला गया और फिर धरना प्रदर्शन किया गया।
मार्च में मनरेगा कानून बहाल करो-बहाल करो, स्मार्ट मीटर योजना रद्द करो, मजदूर विरोधी ये सरकार नहीं चलेगी-नहीं चलेगी, मजदूरों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की साज़िश बंद करो-बंद करो आदि नारे लग रहे थे। अध्यक्षता श्यामा राम और संचालन योगेन्द्र भारती ने किया।सभा को भाकपा-माले गाजीपुर के जिला सचिव ओमप्रकाश सिंह ने भी संबोधित किया।
इस दौरान खेग्रामस गाजीपुर के जिला अध्यक्ष नंदकिशोर बिंद ने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म कर ग्रामीण मजदूरों को गुलाम बनाने की साज़िश रची है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत ग्रामीण आजीविका मिशन(वी बी ग्रामजी) गरीबों के साथ छलावा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को गुलाम बनाने की इन साजिशों का हम संगठित प्रतिरोध करेंगे।खेग्रामस के जिला सचिव राजेश वनवासी ने कहा कि ग्रामीण मजदूरों से लेकर कल कारखानों, विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले सभी मजदूरों के विरुद्ध काम कर रही है मोदी सरकार। उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताएं लागू करने का मामला हो या वी बी ग्रामजी लाकर मनरेगा को हटाने का सरकार ने समूचे मजदूर वर्ग पर हमला बोल दिया है।
उन्होंने कहा कि समूचे मजदूर वर्ग और गरीब समाज को संगठित कर आंदोलन में उतार कर इन साजिशों का मुकाबला करना आज की जरूरत है। ज्ञापन के जरिए मनरेगा को बहाल करते हुए वर्ष में 200 दिन काम और न्यूनतम 700 रुपए प्रतिदिन मजदूरी देने,नई श्रम संहिताएं रद्द कर आठ घंटे कार्य दिवस की कानूनी गारंटी देने, स्मार्ट मीटर योजना रद्द कर सभी मजदूरों किसानों के पुराने बिजली बिल माफ कर 300 यूनिट फ्री बिजली की गारंटी करने, गरीबों की बेदखली पर रोक लगाते हुए उनके कब्जे की जमीनों पर उनका नाम दर्ज करने, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों द्वारा महिलाओं को दिए कर्जे माफ करने सहित तमाम मांगें की गईं।
इस अवसर पर नंदकिशोर बिंद, राजेश वनवासी, योगेन्द्र भारती, ओमप्रकाश सिंह,महिला नेत्री मंजू गोंड़, किसान नेता सत्येन्द्र प्रजापति, मनोज कुशवाहा, गुलाब सिंह, मोती प्रधान, प्रमोद कुशवाहा,मजदूर नेता विजयी वनवासी,चन्द्रावती, रामदेव बिंद,रामबदन बिंद, राधेश्याम चौधरी,किशन वनवासी,राजदेव उर्फ इश्तियाक, गौरीशंकर गोंड़ सहित तमाम लोगों ने संबोधित किया।





