DelhiNewsताज़ा तरीन खबरें

77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर भारत की शक्ति, संस्कृति और संकल्प का भव्य प्रदर्शन

वीना टंडन
नई दिल्ली।सोमवार को भारत ने 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मनाया। कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में देश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। इस वर्ष का समारोह ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ की थीम पर आधारित रहा।
समारोह का नेतृत्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया। परेड सुबह 10:30 बजे आरंभ हुई और लगभग 90 मिनट तक चली। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथियों के साथ राष्ट्रपति अंगरक्षकों की सुरक्षा में पारंपरिक बग्घी से कर्तव्य पथ पहुँचीं।
नई सैन्य इकाइयाँ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झलक
इस वर्ष परेड में हाल ही में गठित नई सैन्य इकाइयों के साथ ऑपरेशन सिंदूर में उपयोग की गई प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए। यह प्रदर्शन भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक रहा।
भारतीय सेना ने पहली बार ‘फेज्ड बैटल एरे’ का लाइव प्रदर्शन किया, जिसमें ड्रोन, टैंक और तोपखाने को एक समन्वित युद्ध अभ्यास प्रारूप में प्रस्तुत किया गया। यह अभ्यास वास्तविक युद्ध परिस्थितियों का सजीव अनुकरण था।
आकाश में शक्ति का संदेश
कर्तव्य पथ के ऊपर भारतीय सेना का ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का झंडा लेकर प्रचार फॉर्मेशन में उड़ा। इसके साथ ‘रुद्र’ ALH-WSI और भारतीय वायु सेना का ALH मार्क-IV हेलीकॉप्टर भी शामिल रहा।
राजपूत रेजिमेंट ने अनुशासित मार्च के साथ परेड में भाग लिया। ड्रोन युद्ध प्रणाली और सूर्यास्त्र हथियार प्रणाली की झलक भी दिखाई गई—ये वही अत्याधुनिक हथियार हैं जिनका उपयोग ऑपरेशन सिंदूर में किया गया था।
वहीं, 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार MI-17 1V हेलीकॉप्टरों ने फ्लैग फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए कर्तव्य पथ पर पुष्पवर्षा की। इस फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत ने किया।
2026: आत्मनिर्भर, डिजिटल और वैश्विक भारत
वर्ष 2026 में भारत एक सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक पहचान वाले राष्ट्र के रूप में उभर चुका है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों ने देश की छवि को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
स्पेस मिशन, स्वदेशी तकनीक और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारत अब अपने पैरों पर खड़ा है। भले ही चुनौतियाँ शेष हों, लेकिन परिवर्तन की गति निरंतर बनी हुई है।
परेड 2026: शक्ति, तकनीक और विविधता का संगम
अब गणतंत्र दिवस परेड केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की जीवंत तस्वीर बन चुकी है। इस वर्ष की परेड में स्वदेशी मिसाइलें, अत्याधुनिक टैंक, ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियाँ प्रदर्शित की गईं।
इस अवसर पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जो भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता है।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button