
H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों की तैयारियों की ‘परीक्षा’, स्वास्थ्य मंत्री ने इंदिरा गांधी अस्पताल का लिया जायजा
वीना टंडन
नई दिल्ली, । राजधानी में एच1एन1 के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने अस्पतालों की तैयारियों को और पुख्ता करने की कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल का निरीक्षण कर एच1एन1 मरीजों के इलाज और संक्रमण से निपटने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में बनाए गए विशेष एच1एन1 आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत कर मरीजों की देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध बेड, ऑक्सीजन, दवाइयों, जांच सुविधाओं और अन्य जरूरी चिकित्सा संसाधनों की भी समीक्षा की गई।
संदिग्ध मरीजों के लिए अलग क्लिनिक, जांच के बाद आइसोलेशन वार्ड में भेजने की व्यवस्था
अस्पताल में स्वाइन फ्लू/एच1एन1 के संदिग्ध मरीजों के लिए विशेष क्लिनिक भी बनाया गया है। यहां प्रारंभिक जांच के बाद संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों को आगे के इलाज और निगरानी के लिए विशेष वार्ड में भेजने की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने संक्रमण की रोकथाम, लक्षणों और बचाव के उपायों से संबंधित जागरूकता सामग्री की भी समीक्षा की।
मंत्री बोले- घबराने की जरूरत नहीं, स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने तथा मरीजों को समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राजधानी में पिछले 24 घंटों में एच1एन1 के 166 नए मामले सामने आए हैं और कुल मामले 2,612 तक पहुंच गए हैं। इन्फ्लूएंजा-ए के मामलों की संख्या भी करीब 3,300 बताई गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को तैयार रहने और संभावित मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों समेत अधिक जोखिम वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण नजर आने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील भी की गई है।



