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दिल्ली विधानसभा में मानसून सत्र का तूफानी आगाज, आमने-सामने आए आप-भाजपा विधायक

कुलदीप कुमार और रवि नेगी में तीखी तकरार के बाद बढ़ा तनाव, विधायकों ने बीच-बचाव कर टाला टकराव; पांच आप विधायक सदन से बाहर, स्पीकर ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

वीना टंडन
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को हंगामे और तीखी सियासी तकरार के बीच शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। मामला उस समय बेहद गरमा गया, जब आप विधायक कुलदीप कुमार और भाजपा विधायक रवि नेगी अपनी-अपनी सीटों से एक-दूसरे पर तीखे शब्दों में हमला बोलते हुए अचानक आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच बढ़ते तनाव को देखकर दोनों दलों के कई विधायक तत्काल बीच में पहुंचे और स्थिति को संभाला।

प्रवेश वर्मा की टिप्पणी से गरमाया माहौल

हंगामे की शुरुआत पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर की गई टिप्पणी से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि आतिशी मानसून सत्र छोड़कर गोवा घूमने चली गई हैं। इस टिप्पणी के बाद विपक्षी सदस्यों ने विरोध जताया और सदन में नारेबाजी व तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सीट छोड़कर आमने-सामने आए विधायक

बहस के दौरान कुलदीप कुमार और रवि नेगी अपनी सीटों से उठ खड़े हुए और एक-दूसरे की ओर बढ़ने लगे। दोनों के बीच तीखी बहस होती देख दोनों पक्षों के विधायक तुरंत उनके बीच आ गए। कुछ देर के प्रयास के बाद मामला शांत कराया गया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस घटनाक्रम पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और असंसदीय व्यवहार बताया।

पांच आप विधायक मार्शल के जरिए बाहर

हंगामा और विपक्ष की ओर से कार्यवाही में बाधा जारी रहने पर स्पीकर ने आप विधायक संजीव झा, कुलदीप कुमार, विशेष रवि, जरनैल सिंह और सोमदत्त को मार्शल के माध्यम से सदन से बाहर करा दिया। इसके बावजूद सदन का माहौल पूरी तरह शांत नहीं हुआ और शोर-शराबे के बीच कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

स्पीकर की दो टूक—मर्यादा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदस्यों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी विधायक अपनी सीट छोड़कर दूसरे सदस्य की ओर नहीं जाएगा। अपशब्दों का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बिना अनुमति बोलने वाले सदस्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि सदन की मर्यादा से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

तीन दिवसीय मानसून सत्र 11 अगस्त तक चलेगा। सत्र के दौरान सरकार की ओर से तीन विधेयक पेश किए जाने हैं, जबकि सीएजी की तीन रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जानी हैं। लेकिन पहले ही दिन हुए हंगामे ने संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही भी सियासी टकराव से अछूती रहने वाली नहीं है।

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