
‘द इंडिया स्टोरी’ ने उठाया जहरीली खेती का मुद्दा, बोले कलाकार—यह सिर्फ फिल्म नहीं, आने वाली पीढ़ियों की सेहत का सवाल
वीना टंडन
नई दिल्ली। आगामी फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ की टीम ने सोमवार को राजधानी में आयोजित प्रेस वार्ता में कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल और उसके जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताई। इस अवसर पर अभिनेत्री काजल अग्रवाल, अभिनेता श्रेयस तलपड़े और फिल्म के निर्देशक चेट्टन डीके मौजूद रहे।
निर्देशक चेट्टन डीके ने कहा कि ‘द इंडिया स्टोरी’ किसानों के खिलाफ नहीं, बल्कि खेती में हानिकारक रसायनों के गलत इस्तेमाल के खिलाफ एक जागरूकता अभियान है। उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य लोगों को यह सोचने पर मजबूर करना है कि हमारी भोजन की थाली तक पहुंचने वाले रसायन आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर कितना गंभीर असर डाल सकते हैं। उनका कहना था कि यदि यह फिल्म कुछ परिवारों को भी अपने खानपान के प्रति जागरूक कर सके, तो इसका उद्देश्य सफल माना जाएगा।
अभिनेता श्रेयस तलपड़े ने कहा कि एक अभिभावक होने के नाते इस फिल्म की कहानी ने उन्हें भावनात्मक रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर इस बात पर ध्यान नहीं देते कि रोजमर्रा के भोजन में क्या शामिल है और उसका बच्चों के स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ सकता है। उनके अनुसार, दर्शकों को इस फिल्म को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक चेतावनी और जागरूकता के संदेश के रूप में देखना चाहिए।
अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने कहा कि मां बनने के बाद इस फिल्म को लेकर उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया। उन्होंने बताया कि फिल्म की तैयारी के दौरान उन्हें ऐसे कई तथ्य पता चले, जिन्होंने उन्हें झकझोर दिया। उनके अनुसार, यह फिल्म केवल खाद्य मिलावट या कीटनाशक आधारित खेती की कहानी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य की चिंता को सामने लाती है।
Zee Studios द्वारा प्रस्तुत तथा MIG Production & Studios के सहयोग से बनी ‘द इंडिया स्टोरी’ का निर्देशन चेट्टन डीके ने किया है, जबकि इसके लेखक और निर्माता सागर बी. शिंदे हैं। यह फिल्म 24 जुलाई 2026 को हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में देश-विदेश के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।




