
पूर्वांचल समेत यूपी के कई जिलों में सेवाये देने वाले चर्चित बीएसए राकेश सिंह ने विभाग में खेला अरबों के बारे न्यारे कां खेल
स्टार न्यूज़ टेलिविजन
राकेश पाण्डेय
वाराणसी:जौनपुर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट ) में करीब पांच करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के मामले में राज्यपाल की मंजूरी के बाद विभागीय कार्रवाई तेज हो गई है।
पूर्व प्रभारी प्राचार्य और वर्तमान में अलीगढ़ के बीएसए राकेश सिंह के खिलाफ चार्जशीट जारी की गई है। मामला आजमगढ़ मंडल के पूर्व संयुक्त शिक्षा निदेशक की जांच में सामने आया था। 2022 से 2024 के बीच हुई गड़बड़ियां : जांच में वर्ष 2022 से 2024 के बीच कई वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है।
शासन के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने राकेश सिंह के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। राकेश सिंह पहले जौनपुर और वाराणसी में बेसिक शिक्षा अधिकारी भी रह चुके हैं। जांच रिपोर्ट में छह बड़े आरोप:1- 1.31 करोड़ का गलत इस्तेमाल: डीएलएड परीक्षा केंद्र व्यय के लिए भेजे गए करीब 1.31 करोड़ रुपये का नियम विरुद्ध उपयोग। 2-1.57 करोड़ की काउंसलिंग फीस में गड़बड़ी: 2022 की काउंसलिंग फीस के रूप में आए 1.57 करोड़ रुपये में भारी अनियमितता। 3- 1.44 करोड़ की खरीद में नियमों की अनदेखी:
जेम पोर्टल से खरीद में बिना टेंडर और बिना मांग पत्र के करीब 1.44 करोड़ रुपये का भुगतान। 4-सेवा पुस्तिका में हेरफेर: कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और वेतन से जुड़ी फाइलों में कथित हेरफेर कर अवैध भुगतान। 5- शिक्षकों का पारिश्रमिक बकाया: उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए आए शिक्षकों का पारिश्रमिक नहीं दिया गया, लाखों रुपये लंबित। 6-वाहन किराये में गड़बड़ी: नियमों के विपरीत वाहन किराये का भुगतान।
एक महीने में देना होगा जवाब संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. दिनेश सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। राकेश सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार मामले में कई अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आगे और कार्रवाई संभव है।






