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प्रधानमंत्री मोदी ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि, कहा— अगले 25 साल भारत के लिए निर्णायक

संसद में नौवीं बार बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण

वीना टंडन
नई दिल्ली।संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आने वाले 25 वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इसी कड़ी में सदी के दूसरे चरण का पहला बजट संसद में प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने संसद में लगातार नौ बार केंद्रीय बजट पेश किया है। उन्होंने इसे भारत के संसदीय इतिहास की एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए देश के लिए गर्व का क्षण कहा।
1 फरवरी को पेश होगा 15वां बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को मोदी सरकार का 15वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह 2024 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के बाद दूसरा पूर्ण बजट होगा।
बजट निर्माण में अनुभवी अफसरों की मजबूत टीम
केंद्रीय बजट 2026-27 को अंतिम रूप देने के लिए वित्त मंत्रालय में अनुभवी अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों की एक सशक्त टीम कार्य कर रही है, जिसमें कई नए चेहरे भी शामिल हैं।
आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर को बजट की रूपरेखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाली अधिकारी माना जा रहा है। वह बजट डिवीजन का नेतृत्व कर रही हैं, जो मुख्य बजट दस्तावेज तैयार करता है और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक रणनीति तय करता है। संसाधनों के संतुलित वितरण, सरकारी खर्च की सीमा और विकास व आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी है।
आर्थिक सलाह और नीतिगत दिशा
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन बजट के लिए आर्थिक विश्लेषण और परामर्श प्रदान कर रहे हैं। उनका कार्यालय वैश्विक जोखिमों का आकलन, आर्थिक विकास दर का अनुमान तथा कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों के रुझानों का अध्ययन करता है। साथ ही वे दीर्घकालिक आर्थिक योजनाओं और प्रमुख सुधारों पर वित्त मंत्री को सुझाव देते हैं।
राजस्व और व्यय पर विशेष फोकस
राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव प्रत्यक्ष करों—आयकर व कॉरपोरेट टैक्स—और अप्रत्यक्ष करों—जीएसटी व सीमा शुल्क—की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बजट 2026-27 उनके लिए राजस्व सचिव के रूप में पहला बजट होगा।
वहीं व्यय सचिव वुमलुनमंग वुअलनाम सरकारी खर्च, सब्सिडी सुधार और केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनका विभाग वित्तीय अनुशासन और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।
वित्तीय सेवाएं और विनिवेश रणनीति
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और पेंशन संस्थानों की निगरानी कर रहे हैं। उनका फोकस वित्तीय समावेशन, आसान ऋण उपलब्धता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने पर है।
वहीं निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव अरुणिश चावला सरकारी कंपनियों में विनिवेश से प्राप्त गैर-कर राजस्व लक्ष्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। केंद्र सरकार की संपत्तियों के कुशल प्रबंधन का दायित्व भी उन्हीं के पास है।

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