ताज़ा तरीन खबरेंउत्तर प्रदेश

सावधान आ रही है अर्बन के बाद चक्रवाती आपदा मुरासू 120 किमी की रफ्तार से चलेगी हवाये:आईएमडी का एलर्ट

स्टार न्यूज़ टेलीविजन

राकेश पाण्डेय

चक्रवात ‘अर्नब’ की ओर से मचाई गई तबाही के बाद अब बंगाल की खाड़ी में एक और खतरनाक तूफान ‘मुरासू’ मंडराने लगा है। IMD के मुताबिक, गहरा दबाव चक्रवाती तूफान में बदल चुका है और ये 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराएगा।

लैंडफॉल के दौरान हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की है, जबकि निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

*गहरा दबाव क्षेत्र चक्रवात में बदला*

बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव का क्षेत्र मुरासु नाम के चक्रवात में बदल गया है। मौसम विभाग के मुताबिक ये तूफान 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। एक हफ्ते के भीतर बंगाल की खाड़ी में ये दूसरा चक्रवाती तूफान है। इससे पहलेचक्रवात ‘अर्णब’ 28 अक्टूबर को आंध्र के तट से टकराया था जिसकी वजह से आंध्र प्रदेश और ओडिशा बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आपको बता दें कि चक्रवात का नाम ‘मुरासु’ भारत की ओर से सुझाई गई सूची में शामिल है। तमिल भाषा में ‘मुरासु’ का अर्थ युद्ध का नगाड़ा होता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ट्वीट कर के बताया- “पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ पिछले 6 घंटों के दौरान लगभग उत्तर-पश्चिम दिशा में 20 कि.मी. प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा है। यह और अधिक तीव्र होकर एक ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ में बदल गया है। आज, 2 नवंबर 2026 को सुबह 02:30 बजे (IST) यह 13.6° उत्तर अक्षांश और 82.5° पूर्व देशांतर के पास स्थित था। यह चेन्नई (तमिलनाडु) से लगभग 260 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, नेल्लोर (आंध्र प्रदेश) से 290 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 320 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, कावली (आंध्र प्रदेश) से 310 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, ओंगोल (आंध्र प्रदेश) से 330 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 470 किमी दक्षिण में स्थित है।

*दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की संभावना*

मुरासु चक्रवात के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते रहने और 2 नवंबर 2026 की आधी रात (23:30 बजे IST) से 3 नवंबर 2026 की सुबह (04:00 बजे IST) के बीच, ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ के रूप में दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की प्रबल संभावना है। इस दौरान हवा की गति 100 से 110 किमी प्रति घंटा होगी, जो झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।”

StarNewsHindi

All news article is reviewed and posted by our Star News Television Team. If any discrepancy found in any article, you may contact [email protected] or you may visit contact us page

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button