
खुशखबरी पूरा हुआ स्वदेशी बुलेट ट्रेन का सपना B28 का निर्माण अंतिम चरण मे: अश्वनी वैष्णव
स्टार न्यूज़ टेलीविजन
राकेश पाण्डेय
भारत में बुलेट ट्रेन का सपना अब तेजी से हकीकत में बदल रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 नवंबर 2026 को बेंगलुरु स्थित BEML के आदित्य मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का दौरा कर देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B28 के निर्माण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ट्रेन की बॉडी निर्माण प्रक्रिया, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा परीक्षण और यात्रियों की सुविधाओं का जायजा लिया। रेल मंत्री ने परियोजना की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि निर्माण कार्य शानदार तरीके से आगे बढ़ रहा है और गुणवत्ता तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
*1500 किलो न्यूटन के दबाव पर हो रही जांच*
निरीक्षण के दौरान रेल मंत्री ने बुलेट ट्रेन पर किए जा रहे महत्वपूर्ण ‘स्क्वीज टेस्ट’ (Squeeze Test) को भी देखा। यह परीक्षण ट्रेन की बॉडी की मजबूती, संरचनात्मक क्षमता और दबाव सहने की ताकत जांचने के लिए किया जाता है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जब ट्रेन अत्यधिक रफ्तार से चलती है तो उसके आसपास हवा के दबाव में बड़ा बदलाव होता है। ऐसे में ट्रेन की बॉडी पर पड़ने वाले दबाव को सहने की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए 1500 किलो न्यूटन तक के भार पर परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रेन के प्रत्येक महत्वपूर्ण हिस्से की जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप की जा रही है।
*ट्रेन की बॉडी से लेकर एसी सिस्टम तक का निरीक्षण*
रेल मंत्री ने BEML परिसर में बुलेट ट्रेन के निर्माण के विभिन्न चरणों का निरीक्षण किया। इसमें अंडरफ्रेम, साइड वॉल, छत की असेंबली, कोच निर्माण, सतह की तैयारी और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं शामिल थीं।
उन्होंने ट्रेन में लगाए जाने वाले यात्रियों के बैठने के लिए सीटों, एसी और वेंटिलेशन सिस्टम (HVAC), कपलर तथा अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों का भी जायजा लिया। इसके अलावा ट्रेन की छत और साइड मॉड्यूल के निर्माण तथा उन्हें अंतिम कोच के साथ जोड़ने की प्रक्रिया को भी देखा।
*280 किलोमीटर की डिजाइन स्पीड, 250 की परिचालन रफ्तार*
BEML में तैयार हो रही B28 भारत की स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए विकसित किया जा रहा है। आठ कोच वाली इस ट्रेन को 280 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम डिजाइन और परीक्षण गति के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जबकि इसकी प्रस्तावित परिचालन गति लगभग 250 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। ट्रेन में करीब 557 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी।
इसमें यात्रियों के आराम के साथ दिव्यांग यात्रियों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
*2027 में ट्रैक पर उतारने की तैयारी*
रेलवे की योजना के मुताबिक B28 का पहला प्रोटोटाइप 2027 की शुरुआत में तैयार होने की संभावना है। इसके बाद बेंगलुरु में बने विशेष ट्रैक पर परीक्षण किया जाएगा। आगे की जांच और ट्रायल के लिए ट्रेन को सूरत स्थित डिपो ले जाया जाएगा।
भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलाने की योजना है। रेलवे इस परियोजना के तहत शुरुआती चरण में सूरत-वापी खंड पर 15 अगस्त 2027 तक सेवा शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
*स्वदेशी तकनीक की दिशा में बड़ा कदम*
BEML में बुलेट ट्रेन का निर्माण भारत के लिए केवल एक नई ट्रेन तैयार करने की परियोजना नहीं है, बल्कि हाई-स्पीड रेल तकनीक में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना से देश में आधुनिक रेल निर्माण, इंजीनियरिंग और अत्याधुनिक तकनीक के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।







