
रामलीला मैदान से राहुल गांधी की हुंकार—‘वोट चोरी के बिना चुनाव नहीं जीत सकती एनडीए’, केंद्र और चुनाव आयोग पर साधा निशाना
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में विपक्षी गठबंधन INDIA ने दिखाई एकजुटता, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान
वीना टंडन
नई दिल्ली,।राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी गठबंधन INDIA की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर राजनीतिक हुंकार सुनाई दी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए चुनावी प्रक्रिया, ईवीएम, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में सुनियोजित तरीके से वोट चोरी की जा रही है और एनडीए बिना चुनावी धांधली के सत्ता में नहीं आ सकती।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि देश का लोकतंत्र और संविधान जनता की सबसे बड़ी ताकत हैं। विपक्ष किसी भी कीमत पर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि मताधिकार की रक्षा केवल किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकारों से जुड़ा सवाल है। विपक्षी गठबंधन इसी अधिकार की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष कर रहा है।
**‘वोट चोरी’ के आरोपों से गरमाई सियासत**
राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए ईवीएम और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से करीब 13.5 करोड़ यानी लगभग 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर किए जाने का आरोप है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मतदाताओं के नाम ही सूची से गायब हो जाएंगे तो लोकतंत्र में उनकी भागीदारी कैसे सुनिश्चित होगी?
उन्होंने एनडीए की चुनावी जीत पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वोट चोरी के बिना एनडीए चुनाव नहीं जीत सकती। उनके इस बयान के बाद रैली में मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
**संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का लिया संकल्प**
राहुल गांधी ने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है। लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक के वोट का सम्मान और उसकी आवाज को उचित स्थान मिलना भी आवश्यक है। उन्होंने विपक्षी दलों से एकजुट रहकर मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
उन्होंने इस महारैली को महज राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ी व्यापक लड़ाई बताया। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनका जवाब सरकार और चुनाव आयोग को देना चाहिए।
**सुरक्षा के कड़े इंतजाम, विभिन्न राज्यों से पहुंचे कार्यकर्ता**
रामलीला मैदान में आयोजित महारैली को लेकर दिल्ली पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मैदान और उसके आसपास पुलिसकर्मियों तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक दिल्ली पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात और भीड़ प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
महारैली के दौरान विपक्षी दलों ने एक मंच पर आकर अपनी राजनीतिक एकजुटता का प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों ने राजधानी की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
**विपक्ष का संदेश—मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा**
इस महारैली के माध्यम से INDIA गठबंधन ने यह संदेश देने की कोशिश की कि मतदाता सूची की शुचिता, चुनावी पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता उसके प्रमुख राजनीतिक मुद्दे रहेंगे। राहुल गांधी के तीखे तेवरों और विपक्षी नेताओं की एकजुटता ने रैली को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। अब देखना होगा कि विपक्ष के इन आरोपों और मांगों पर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।





