
टियर-2 और टियर-3 शहर रियल एस्टेट की अगली ग्रोथ स्टोरी: डीलक्लेव में मंथन
स्टार न्यूज़ टेलीविजन उत्तर प्रदेश
मुख्य संवाददाता
गुरुग्राम, 10 सितंबर। देश के छोटे शहर रियल एस्टेट क्षेत्र की अगली बड़ी ग्रोथ स्टोरी बनकर उभर रहे हैं। गुरुग्राम में आयोजित रियल एस्टेट सीआरएम प्लेटफॉर्म लीडरैट के नेतृत्व फोरम ‘डीलक्लेव’ के दूसरे संस्करण ‘द क्वोरम’ में डेवलपर्स, ब्रोकर्स, निवेशकों और प्रॉपटेक कंपनियों के प्रमुखों ने छोटे शहरों में बढ़ती संभावनाओं पर चर्चा की।
इनवाइट-ओनली राउंडटेबल में करीब 15 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ‘वन माइक, फाइव राउंडटेबल’ प्रारूप में हुई चर्चा में टियर-2 और टियर-3 शहरों में वास्तविक मांग, प्रॉपटेक और एआई की संभावनाओं, ब्रांडिंग व भरोसे, तथा इंफ्रास्ट्रक्चर और फंडिंग जैसी चुनौतियों पर मंथन किया गया।
प्रतिभागियों ने कहा कि बढ़ती क्रय शक्ति, बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत स्थानीय मांग के कारण छोटे शहर अब भविष्य का नहीं, बल्कि वर्तमान का अवसर बन चुके हैं। हालांकि, इन बाजारों में कारोबार को तेजी से बढ़ाने के लिए बेहतर लीड मैनेजमेंट, फॉलो-अप, सीआरएम और ऑटोमेशन की जरूरत बढ़ रही है। एआई को लीड क्वालिफिकेशन और ग्राहक जुड़ाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया गया।
लीडरैट के संस्थापक एवं सीईओ हिमांशु कुमार ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों का अवसर भविष्य की कहानी नहीं, बल्कि आज की वास्तविकता है। उद्योग को इन बाजारों की संभावनाओं को अभी परखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान सामने आए मतभेद भी महत्वपूर्ण हैं और उद्योग को इन मुद्दों पर लगातार संवाद करना चाहिए।
गौरतलब है कि लीडरैट भारत और यूएई में 1,700 से अधिक रियल एस्टेट कंपनियों के साथ काम करता है। वित्त वर्ष 2025-26 में इसके प्लेटफॉर्म के जरिए 5 अरब डॉलर से अधिक के लेनदेन हुए। कंपनी जल्द ही डीलक्लेव के अगले संस्करण का आयोजन करेगी।






