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जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच के लिए 8 राज्यों को जारी किया नोटिस CJI ने कहा जवाबदेही तय करना जरूरी

स्टार न्यूज टेलीविजन

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और पुलिस बल प्रयोग का मामला अब सर्वोच्च न्यायालय पहुंच गया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश .Chief Justice of India सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूरे घटनाक्रम पर गंभीर रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, असम, केरल और गुजरात समेत आठ राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में हिंसा कैसे हुई, इसकी जांच आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इसके दो संभावित कारण हो सकते हैं—या तो पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया या फिर प्रदर्शन में ऐसे लोग शामिल हो गए जिन्होंने हिंसा भड़काई। अदालत ने कहा कि भविष्य के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल बनने से जवाबदेही तय करना आसान होगा।

जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच के लिए आठ राज्यों को जारी किया नोटि Chief Justice of India ने कहा—जवाबदेही तय करना जरूरी

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और पुलिस बल प्रयोग का मामला अब सर्वोच्च न्यायालय पहुंच गया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश  Chief Justice of India सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूरे घटनाक्रम पर गंभीर रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, असम, केरल और गुजरात समेत आठ राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में हिंसा कैसे हुई, इसकी जांच आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इसके दो संभावित कारण हो सकते हैं—या तो पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया या फिर प्रदर्शन में ऐसे लोग शामिल हो गए जिन्होंने हिंसा भड़काई। अदालत ने कहा कि भविष्य के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल बनने से जवाबदेही तय करना आसान होगा।

याचिकाकर्ता के गंभीर आरोप

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है, लेकिन जहां तक संभव हो बल प्रयोग से बचा जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मी बिना वर्दी के मौजूद थे और हथियार लेकर कार्रवाई कर रहे थे। साथ ही, प्रदर्शनकारियों की डिजिटल पहचान सार्वजनिक किए जाने पर भी रोक लगाने की मांग की गई। वकील का कहना था कि प्रदर्शन में छात्र और नाबालिग भी शामिल थे।

सुप्रीम कोर्ट में जुनैद का मुद्दा भी उठा

सुनवाई के दौरान एक वकील ने बिहार में प्रदर्शन से जुड़े नाबालिगों को हिरासत में लेने का मुद्दा भी उठाया। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने मोहम्मद जुनैद से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।

इस पर सॉलिसिटर जनरल ने अदालत से कहा कि यह अलग विषय है और वर्तमान याचिका से संबंधित नहीं है।

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