
राम मंदिर चंदा घोटाला: रत्नेश और गगनदीप निकले मास्टरमाइंड, पुलिस की जांच में बड़े खुलासे
वीना टंडन/स्टार न्यूज़ टेलीविजन ब्यूरो
अयोध्या। राम मंदिर के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी कर करोड़ों रुपये की चंदा राशि हड़पने के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की तफ्तीश और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अब रत्नेश और गगनदीप नाम के दो शातिर अपराधियों का नाम सामने आया है, जिन्हें इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है।
आरोपियों के खुलासे में सामने आए नए नाम
पुलिस ने चंदा हेराफेरी के आरोप में पकड़े गए संदिग्धों से जब गहन पूछताछ की तो उन्होंने रत्नेश और गगनदीप की भूमिका का खुलासा किया। जांच अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपी पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे और फर्जी बैंक खातों तथा नकली रसीदों के माध्यम से चंदे की रकम को ठिकाने लगाने का काम संभालते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इन दोनों की सक्रिय भूमिका के बिना चंदे की राशि को दूसरे खातों में ट्रांसफर करना संभव नहीं था। पुलिस का मानना है कि यही दोनों इस संगठित गिरोह के मुख्य संचालक हैं।
फर्जी वेबसाइट और क्यूआर कोड से श्रद्धालुओं को बनाया निशाना
जांच में सामने आया है कि गिरोह ने राम मंदिर ट्रस्ट के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइटें तैयार की थीं। इसके अलावा नकली क्यूआर कोड और फर्जी बैंक खातों का उपयोग कर श्रद्धालुओं को झांसे में लिया जाता था।
जब श्रद्धालु ऑनलाइन दान करने के लिए इन लिंक या क्यूआर कोड का इस्तेमाल करते थे, तो चंदे की राशि सीधे गिरोह के खातों में पहुंच जाती थी। इसके बाद रकम को कई छोटे-छोटे खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था ताकि जांच एजेंसियों को धन के प्रवाह का पता लगाने में कठिनाई हो।
गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज
रत्नेश और गगनदीप के नाम सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने उनकी तलाश तेज कर दी है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस घोटाले की वास्तविक रकम, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा विभिन्न राज्यों में फैले इसके तारों का खुलासा हो सकेगा।
आस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कसेगा शिकंजा
जांच एजेंसियों का कहना है कि राम भक्तों की आस्था के नाम पर ठगी करने वाले पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए व्यापक कार्रवाई की जा रही है। मामले में शामिल प्रत्येक आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






