
आईसीएआर ने किसानों को दी नई दिशा, हरित क्रांति से आधुनिक तकनीक तक का सफर
वीना टंडन
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईसीएआर ने खेत और प्रयोगशाला के बीच की दूरी मिटाकर देश की कृषि को नई पहचान दी है। उन्होंने बताया कि हरित क्रांति से लेकर आज की आधुनिक, तकनीक आधारित खेती तक यह संस्थान किसानों की ताकत बढ़ा रहा है और उन्हें भविष्य के लिए तैयार कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आईसीएआर ज्ञान को सीधे जमीन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने राजधानी में धूल और प्रदूषण कम करने और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए पौधारोपण सहित संस्थान के सहयोग की भी सराहना की।
उन्होंने लोगों से संसाधनों जैसे भूजल, बिजली और पेट्रोल को बचाने और उनका सही इस्तेमाल करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखते हुए इन संसाधनों को सुरक्षित करना और बढ़ाना वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आईसीएआर ने देश में खाद्यान्न संकट को दूर कर भारत को आत्मनिर्भर बनाया और अब देश अन्य देशों की मदद भी कर रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट सहयोगी रवींद्र इंद्राज, संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारी और शोधकर्ता उपस्थित रहे।
