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उत्तर प्रदेश आगरा वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता पर उठे सवाल सरकार से विशेष छूट की मांग।

स्टार न्यूज़ टेलीविजन उत्तर प्रदेश

आगरा। विशिष्ट बीटीसी प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों को टीईटी से पूर्ण छूट अथवा विशेष प्रावधान दिए जाने की मांग को लेकर प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हरेश चौहान और प्रदेश महामंत्री अजय सिकरवार के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा गया।

ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए उस समय टीईटी अनिवार्य नहीं था, जबकि वर्तमान में 20–25 वर्षों से निरंतर सेवा दे रहे इन शिक्षकों पर पूर्व प्रभाव से टीईटी लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। संगठन का कहना है कि लंबे अनुभव और सेवा रिकॉर्ड को नजरअंदाज कर वरिष्ठ शिक्षकों को नवयुवक अभ्यर्थियों के समान परीक्षा प्रक्रिया में शामिल करना उनके सम्मान और सेवा सुरक्षा के अनुरूप नहीं है।

प्रदेश अध्यक्ष हरेश चौहान ने कहा कि सरकार को शिक्षकों के अनुभव और योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें टीईटी से मुक्त करने या विशेष व्यवस्था लागू करने पर विचार करना चाहिए। वहीं प्रदेश महामंत्री अजय सिकरवार ने सुझाव दिया कि यदि पूर्ण छूट संभव न हो तो अनुभव के आधार पर प्रति वर्ष दो अंक उत्तीर्णांक में जोड़े जाएं, वरिष्ठ शिक्षकों के लिए पृथक परीक्षा व्यवस्था बनाई जाए तथा परीक्षा अवधि 150 मिनट के स्थान पर 180 मिनट की जाए। साथ ही कार्यदिवस में परीक्षा होने पर विशेष अवकाश और टीईटी परीक्षा वर्ष में कम से कम चार बार आयोजित करने की मांग भी रखी गई।

संगठन के पदाधिकारी संजय सिंह तोमर ने कहा कि कार्यरत शिक्षकों की सेवा प्रभावित किए बिना उनके लिए अलग परीक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि वे सहजता से परीक्षा में सम्मिलित हो सकें।

ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी आगरा के प्रतिनिधि महेंद्र सिंह, प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट, द्वारा प्राप्त किया गया।

इस दौरान ज्ञानेंद्र सिंह चौहान, विजय यादव, जयप्रकाश, प्रमोद राठौर, अजय प्रकाश सिंह, मानवेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

संगठन ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के सम्मान और न्यायोचित हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय

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