
एआई बदलेगा हेल्थकेयर से एनर्जी तक का भविष्य, वैश्विक दिग्गजों ने रखी बेबाक राय
वीना टंडन
नई दिल्ली।राजधानी में आयोजित वैश्विक समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के भविष्य, भरोसे, गवर्नेंस और ऊर्जा पर उसके प्रभाव को लेकर दुनिया की बड़ी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने खुलकर विचार रखे। हेल्थकेयर से लेकर पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस और ग्लोबल एनर्जी ट्रांज़िशन तक, एआई को परिवर्तनकारी शक्ति बताया गया।
“एआई अरबों जिंदगियों को बेहतर बनाने के लिए याद किया जाएगा” — रॉय जैकब्स
Philips के सीईओ Roy Jakobs ने कहा कि हेल्थकेयर सेक्टर में एआई का सबसे बड़ा प्रभाव सीधे इंसानों पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा, “एआई पहले से ही बोझ झेल रहे सिस्टम्स पर दबाव कम कर रहा है। आने वाले दशक में हेल्थकेयर में एआई को केवल स्क्रीन पर ऑप्टिमाइज़ की गई चीज़ों के लिए नहीं, बल्कि उन अरबों जिंदगियों के लिए याद किया जाएगा जिन्हें यह बेहतर बनाने में मदद करेगा।”
जैकब्स के अनुसार, तकनीक का असली उद्देश्य मानव जीवन की गुणवत्ता में सुधार है।
“लक्ष्यों को समझने वाली पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस” — अलेक्जेंडर वैंग
Meta Platforms के चीफ एआई ऑफिसर Alexandr Wang ने रोज़मर्रा की जिंदगी में एआई के बढ़ते एकीकरण पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस है, जो आपके लक्ष्यों और रुचियों को समझे और आपके काम में मदद करे। यह आपके लिए सेवा करता है, चाहे आप कहीं भी हों।”
वैंग ने यह भी रेखांकित किया कि भरोसा, पारदर्शिता और गवर्नेंस को एआई मॉडल्स के साथ समान गति से विकसित करना अनिवार्य है, खासकर ऐसे समय में जब भारत एआई इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
“इनोवेशन वास्तविक, चुनौती तैयारी की” — मार्टिन श्रोएटर
Kyndryl के चेयरमैन और सीईओ Martin Schroeter ने कहा कि एआई की तकनीक तेजी से विकसित हो रही है, लेकिन बड़े पैमाने पर उसे अपनाने के लिए बुनियादी ढांचे की तैयारी अभी बाकी है।
उन्होंने कहा, “इनोवेशन वास्तविक है, लेकिन चुनौती तैयारी की है। एआई अभी भी इंडस्ट्रियलाइज्ड नहीं है। इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा, ऑपरेशंस और लोगों को बड़े पैमाने पर इसे सपोर्ट करने के लिए तैयार रहना होगा।”
उनके मुताबिक भविष्य इस बात से तय होगा कि एआई को समाज के भरोसेमंद और जिम्मेदार सिस्टम्स में किस तरह जोड़ा जाता है।
“एआई और ऊर्जा दबाव का सीधा संबंध” — ओलिवियर ब्लम
Schneider Electric के ग्लोबल सीईओ Olivier Blum ने एआई और वैश्विक ऊर्जा संक्रमण के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, “एआई का मतलब अधिक कंप्यूटिंग है और अधिक कंप्यूटिंग का मतलब अधिक ऊर्जा। हमें ग्लोबल एनर्जी सिस्टम पर पड़ने वाले दबाव को कम नहीं आंकना चाहिए। साथ ही, एआई ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और परिवर्तन लाने की अपार क्षमता भी रखता है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई न केवल डिजिटल दुनिया, बल्कि स्वास्थ्य, उद्योग और ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाएगा


