
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 : पहली बार निःशुल्क प्रवेश,
भारतीय सैन्य इतिहास होगा थीम
वीना टंडन
नई दिल्ली। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (एनडीडब्ल्यूबीएफ) 2026 को लेकर संविधान क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता में मेले की तैयारियों और प्रमुख आकर्षणों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी–इंडिया), इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
एनबीटी–इंडिया के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे ने बताया कि विश्व पुस्तक मेले का 53वां संस्करण 10 से 18 जनवरी 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि इस बार पहली बार मेले में आम जनता के लिए निःशुल्क प्रवेश रहेगा। मेले की थीम “भारतीय सैन्य इतिहास : शौर्य और बुद्धिमत्ता @75” रखी गई है, जो भारत की सशस्त्र सेनाओं को सम्मान स्वरूप समर्पित होगी।
एनबीटी–इंडिया के निदेशक युवराज मलिक ने कहा कि इस बार मेला पहले से अधिक व्यापक और समावेशी होगा। युवाओं और बच्चों को पढ़ने की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों को निःशुल्क रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह मेला ज्ञान और रचनात्मकता का बड़ा मंच बनेगा।
आईटीपीओ के कार्यकारी निदेशक प्रेमजीत लाल ने कहा कि विश्व पुस्तक मेला पीढ़ियों को जोड़ने और देश में पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि एनडीडब्ल्यूबीएफ 2026 साहित्यिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक यादगार आयोजन होगा।
प्रेस वार्ता में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रही। कतर के राजदूत महामहिम मोहम्मद हसन जाबिर अल जाबिर ने कहा कि भारत और कतर प्राचीन सभ्यताएँ हैं, जिनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत उन्हें जोड़ती है। उन्होंने कहा, “नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला विश्व के प्रमुख सांस्कृतिक मंचों में से एक है। पुस्तकों के माध्यम से संस्कृतियों और देशों को जोड़ने वाले इस आयोजन में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में भाग लेना कतर के लिए गौरव की बात है।”
दोहा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला के प्रतिनिधि जासिम अहमद अल बुआइनैन तथा फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया के प्रतिनिधि ग्रेगोर ट्रूमेल ने भी मेले के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत–फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत फ्रांस की भागीदारी विशेष आकर्षण होगी।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहभागिता, समृद्ध कार्यक्रमों और निःशुल्क प्रवेश के साथ नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 देश-विदेश के पाठकों के लिए एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजन सिद्ध



