
सनातन धर्म पर आपत्तिजनक बयानबाजी के खिलाफ पीएम को पत्र अखिलेश यादव के आवास पर जाने की घोषणा
स्टार न्यूज़ टेलीविजन
राकेश की रिपोर्ट
लखनऊ:अयोध्या मे समाजसेवी अर्चना तिवारी के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा सनातन धर्म और महापुरुषों पर की गई आपत्तिजनक बयानबाजी के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन अधिकारियों के माध्यम से सौंपा।
इस दौरान महिलाओं ने इन बयानों को सनातन धर्म के अपमान और हिंदू समाज की आस्था पर हमला करार दिया।
अर्चना तिवारी ने कहा कि सपा नेताओं द्वारा दिए गए बयान देश की धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक मूल्यों पर चोट हैं। उन्होंने कहा, “हम इसे हल्के में नहीं लेंगे। यदि संबंधित नेता अपने विवादित बयानों के लिए माफी नहीं मांगते, तो 12 अप्रैल को मैं स्वयं महिलाओं के साथ अखिलेश यादव के आवास पर जाकर अपनी आपत्ति दर्ज कराऊंगी। और उनसे अपील होगी कि माफी मागे वरना सनातन धर्म की रक्षा के लिए हम हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं।”
ज्ञापन में अखिलेश यादव, अबू आसिम आजमी और रामजी लाल सुमन के निम्नलिखित विवादित बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई गई:
अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा को दुर्गंध पसंद है, इसलिए वे गौशालाएं बना रहे हैं, जबकि हमारी सरकार को सुगंध पसंद है, इसलिए हमने इत्र पार्क बनाया।”
अबू आजमी ने विवादित बयान देते हुए कहा, “औरंगजेब को कट्टर शासक कहना गलत है; हिंदुओं को उससे शासन करना सीखना चाहिए।”
रामजी लाल सुमन ने कहा, “राणा सांगा ने बाबर को भारत बुलाया था, “महिलाओं ने मांग की कि इन नेताओं पर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाने वाली बयानबाजी न कर सके।
इस ज्ञापन सौंपने के दौरान समाजसेवी अर्चना तिवारी , मीनू मिश्रा, आरती क्रांति, मिथिलेश आचार्य, पीहू तिवारी, पूजा मौर्य, साक्षी गुप्ता सहित तमाम महिलाएं मौजूद थीं