
दिल्ली फैमिली आईडी में दर्ज होगा पूरे परिवार का ‘डिजिटल ब्योरा’, मुखिया के नाम पर बनेगी पहचान
वीना टंडन
नई दिल्ली दिल्ली में परिवारों की पहचान और सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ने की तैयारी है। प्रस्तावित फैमिली आईडी कार्ड में एक परिवार से जुड़े सदस्यों की बुनियादी जानकारी दर्ज होगी। इसका मकसद सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना और अलग-अलग दस्तावेजों में बार-बार जानकारी देने की जरूरत कम करना है।
परिवार के हर सदस्य की जानकारी होगी दर्ज
फैमिली आईडी में परिवार के सदस्यों का नाम, उम्र, लिंग और परिवार से संबंध जैसी प्रमुख जानकारियां दर्ज की जा सकती हैं। इसके साथ पहचान और सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी जोड़े जाने का प्रावधान हो सकता है। परिवार के सदस्यों को एक ही यूनिक फैमिली रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा।
कौन बनेगा परिवार का मुखिया?
फैमिली आईडी में परिवार के एक सदस्य को ‘परिवार का मुखिया’ नामित किया जाएगा। सामान्य तौर पर परिवार द्वारा तय पात्र सदस्य को मुखिया बनाया जा सकता है। हालांकि, अंतिम नियमों में यह स्पष्ट किया जाएगा कि मुखिया चुनने के लिए कौन-कौन से मानदंड लागू होंगे और महिला मुखिया अथवा अन्य परिस्थितियों में प्रक्रिया क्या होगी।
सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में होगी मदद
फैमिली आईडी का सबसे बड़ा फायदा यह माना जा रहा है कि परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड को एक जगह जोड़ा जा सकेगा। इससे पात्रता के आधार पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ देने, लाभार्थियों की पहचान करने और फर्जी या डुप्लीकेट रिकॉर्ड को रोकने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, फैमिली आईडी में कौन-कौन से सटीक विवरण अनिवार्य होंगे और परिवार के मुखिया के चयन के अंतिम नियम क्या होंगे, यह दिल्ली सरकार की आधिकारिक अधिसूचना/दिशानिर्देश जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा।






