
बाहुबली मुख्तार और विजय की दोस्ती में नप चुके अविनाश गौतम पर फिर कसा शिकंजा कुर्सी खतरे मे
स्टार न्यूज़ टेलिविजन
राजेश पाण्डेय
लखनऊ:बरेली जेल से कैदी के भागने के मामले में सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अविनाश गौतम की कुर्सी भी खतरे में बताई जा रही है। वह पहले से चर्चित रहे हैं। कई बार निलंबित होने का रिकॉर्ड उनके नाम है। अब डीआईजी जेल ने भी कैदियों को जेल से नियम विरुद्ध तरीके से निकालने में उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
अविनाश गौतम को मार्च 2024 में बरेली सेंट्रल जेल का वरिष्ठ अधीक्षक बनाया गया था। उन दिनों चार माह से यह पद रिक्त था। जेल में बंद शूटर आसिफ का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें तैनाती दी गई थी।
इसके साथ ही राका नाम के कैदी ने जेल के अंदर से अपने फोटो वायरल कर दिए। दोनों ही मामले मैनेज कर लिए गए। जेल में बंदियों से मानक ताक पर रखकर काम लेने के आरोप इस बीच उच्चाधिकारियों के पास पहुंचते रहे लेकिन अविनाश गौतम की कुर्सी के पैर मजबूत बने रहे।
अब 22 साल के उम्रकैद के आरोपी दिनेश के जेल के फार्म से भाग जाने के बाद फिर अविनाश गौतम की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। जेल में निचले स्तर का स्टाफ निलंबित हो चुका है। डीआईजी जेल कुंतल किशोर ने उन पर कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट डीजी जेल पीसी मीना को भेज दी है।
इन मामलों से चर्चा में रहे अविनाश गौतम
बांदा जेल के अधीक्षक रहते वक्त जेल में बंद मुख्तार अंसारी को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का उन पर आरोप लगा। जेल में छापा मारा गया तो वहां बंद पूर्व विधायक विजय सिंह (फर्रुखाबाद के भाजपा विधायक ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के आरोपी) के पास 30 हजार रुपये नकद मिले थे। तब अविनाश गौतम को निलंबित किया गया था।
20 मार्च 2010 को उरई जेल में अविनाश गौतम अधीक्षक पद पर तैनात थे। तब यहां मुख्तार गिरोह के गुर्गों में फायरिंग हो गई थी। इसमें मुख्तार के दो गुर्गों प्रिंस व नासिर की गोली लगने से मौत हो गई। इस मामले में अविनाश गौतम निलंबित हुए थे। उनके साथ ही कई अन्य जेल कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। कई लोगों पर चार्जशीट लगी। जेलर समेत 14 लोगों को उम्रकैद की सजा हुई थी।
देवरिया जेल में कैंटीन घोटाले के दौरान भी अविनाश गौतम के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
बरेली सेंट्रल जेल मामले में दोषियों पर कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पर भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति हुई है। कैदी की तलाश में जेल प्रशासन पुलिस का पूरा सहयोग कर रहा है। – पीसी मीना, महानिदेशक जेल।






