
आगरा सेतेरहमोरी बांध को पुनर्जीवित करने की मांग, सिंचाई विभाग ने गेट मरम्मत का एस्टीमेट तक नहीं बनाया
स्टार न्यूज़ टेलीविजन उत्तर प्रदेश
आगरा। पानी की किल्लत से जूझ रहे फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में ऐतिहासिक तेरहमोरी बांध को फिर से जल संचय के लिए उपयोगी बनाने की मांग उठी है। सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा की टीम ने क्षेत्र का अध्ययन कर बताया कि सिंचाई विभाग ने बांध के क्षतिग्रस्त स्लूस गेटों की मरम्मत के लिए अब तक कोई एस्टीमेट या कार्ययोजना तैयार नहीं की है, जबकि यह बांध जिले की सबसे बड़ी जल संचयन क्षमता वाली संरचना है।
सिविल सोसाइटी के अनुसार पिछले करीब 40 वर्षों से उपेक्षा के कारण यह बांध निष्प्रयोज्य स्थिति में है। मानसून के दौरान आसपास के गांवों—रसूलपुर, सीकरी हिस्सा चतुर्थ, नगर, दादूपुरा और पतसाल सहित कई क्षेत्रों का पानी यहां पहुंचता है, लेकिन गेट खराब होने के कारण पानी रुक नहीं पाता, जिससे भूजल रिचार्ज नहीं हो पाता।
टीम का कहना है कि यदि बांध के गेटों की मरम्मत कर इसे फिर से संचालित किया जाए तो न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी भी मिल सकेगा। साथ ही राजस्थान की ओर से आने वाली धूल भरी हवाओं और प्रदूषण के प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा।
सिविल सोसाइटी का कहना है कि ऐतिहासिक महत्व रखने वाला यह बांध मुगलकाल में विकसित जल संरचना का हिस्सा रहा है और कभी विशाल झील के रूप में क्षेत्र की जल जरूरतों को पूरा करता था, लेकिन वर्तमान में पूरी तरह सूख चुका है।टीम में अनिल शर्मा, राजीव सक्सेना, राजेंद्र शुक्ला और असलम सलीमी शामिल रहे। सिविल सोसाइटी ने शासन और सिंचाई विभाग से तेरहमोरी बांध को जल्द पुनर्जीवित करने की मांग की है।अनिल शर्मा सेकेट्री सिविल सोसायटी आगरा





