
उत्तर प्रदेश आगरा बियॉन्ड ताज’ में सतत विकास और विरासत संरक्षण पर मंथन
स्टार न्यूज़ टेलीविजन उत्तर प्रदेश आगरा
पर्यटन अब केवल भ्रमण नहीं, अनुभव का माध्यम
ताज महोत्सव के मंच से उठी समग्र पर्यटन दृष्टि की आवाज
‘आगरा बियॉन्ड ताज’ में सतत विकास और विरासत संरक्षण पर मंथन
टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा और यूपी टूरिज्म ने आयोजित किया सेमिनार
आगरा। ताज महोत्सव के अंतर्गत टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा, भारत पर्यटन और यूपी टूरिज्म ने स्पीहा संस्था के सहयोग से होटल डबल ट्री बाय हिल्टन में ‘आगरा बियॉन्ड ताज’ कार्यक्रम का आयोजन किया। ‘सतत शहरी विकास, विरासत संरक्षण और पर्यटन संवर्धन का एकीकरण’ विषय पर आयोजित सेमिनार का शुभारंभ अतिथियों व वक्ताओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य वक्ता डीईआई विश्वविद्यालय के वरिष्ठ निदेशक प्रो. प्रेम कुमार कालरा ने कहा कि आधुनिक दौर में पर्यटन केवल घूमने तक सीमित नहीं है, बल्कि इतिहास, संस्कृति, सभ्यता और उपलब्धियों को अनुभव करने का माध्यम बन गया है। आज का पर्यटक मनोरंजन के साथ शिक्षा, व्यवसाय और सांस्कृतिक जुड़ाव भी चाहता है। आगरा के लिए दीर्घकालिक और समग्र पर्यटन दृष्टि विकसित करना आवश्यक है।
वक्ता प्रो. रुपाली सत्संगी ने यमुना पार स्थित कछपुरा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां पत्थरों पर उकेरे गए अवशेष आज भी मुगलकालीन इतिहास की झलक देते हैं। उन्होंने कहा कि यमुना नदी मुगलकालीन आगरा के विकास की आधारशिला रही है और इसके किनारे बसे क्षेत्र आज भी उस दौर के साक्षी हैं।
पर्यटन विशेषज्ञ अरुण डंग ने आगरा के बाजारों के नामों से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को साझा किया। मुगलकाल में हींग के व्यापार से ‘हींग मंडी’ नाम प्रचलित हुआ, अंग्रेज यात्री पीटर के कारण ‘पीपल मंडी’ नाम पड़ा तथा नौ लाख पेड़ों के दृश्य वाले क्षेत्र को ‘नौलखा बाजार’ कहा गया।
जूता एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि आगरा अपनी वास्तु भव्यता और समृद्ध विरासत के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, लेकिन बढ़ता वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) और पर्यावरणीय दबाव चिंता का विषय हैं। उद्योग और विरासत के बीच संतुलन स्थापित करना समय की मांग है।
स्पीहा के संस्थापक सदस्य राजीव नारायण ने आगरा को ताजमहल से आगे एक बहुआयामी सांस्कृतिक गंतव्य बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में मंच से डॉ. डी.वी. शर्मा ने अपनी 20 एकड़ भूमि में से 12 एकड़ पर ज्योतिर्लिंग निर्माण तथा 8 एकड़ पर्यटन विभाग को दान देने की पेशकश की, ताकि एक ही स्थान पर बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन की सुविधा उपलब्ध हो सके।
ताजमहल तक नहीं सिमित आगरा की पहचान
टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के अध्यक्ष अमूल्य कक्कड़ ने कहा कि आगरा की पहचान केवल ताजमहल तक सीमित नहीं है। शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक बाजार, औद्योगिक क्षमता और सतत विकास की योजनाएँ मिलकर इसे एक वैश्विक और बहुआयामी पर्यटन गंतव्य बना सकती हैं। कार्यक्रम में जेपी होटल के वाइस प्रेसिडेंट हरी सुकुमार, संस्कृति वेकेशन के निदेशक राजीव सक्सेना, एयरपोर्ट अथॉरिटी के विवेक शर्मा, समाजसेवी देवाशीष भौमिक, पूर्व मेयर केशो मेहरा, मेट्रो परियोजना से अरविंद राय ने अपने विचार रखे। टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के अध्यक्ष अमूल्य कक्कड़ ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा संचालन डॉ. नीलम मेहरोत्रा ने किया। इस अवसर पर रजनी नायर, रुचिरा माथुर, राजेश शर्मा, पंकज महेन्दू, रिचा बंसल, विमल गोयल, राजेश गोयल आदि मौजूद रहे।






