
शिवरात्रि के व्रत का आटा बना जहर
25 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती, कई बुजुर्ग ICU में फैक्टरी सील, संचालक के खिलाफ एफआईआर की तैयारी
वीना टंडन
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की तीन सोसाइटियों में शिवरात्रि के व्रत के दौरान कुट्टू का आटा खाने से बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया। 25 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि कई को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। कई बुजुर्गों और बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने सोमवार को तीनों सोसाइटियों से नमूने भरने के साथ कुट्टू का आटा तैयार करने वाली फैक्टरी को सील कर दिया है। संचालक के खिलाफ बिसरख कोतवाली में तहरीर दी गई है।
व्रत खोला, थोड़ी देर बाद शुरू हुई उल्टी
सोसाइटी निवासियों के मुताबिक, उन्होंने खुले जनरल स्टोर से कुट्टू का आटा खरीदा था। शिवरात्रि का व्रत खोलने के लिए पकौड़ी, कचौड़ी और पूरी बनाई गई। भोजन करने के कुछ ही देर बाद लोगों को घबराहट, उल्टी, चक्कर और शरीर कांपने जैसी शिकायतें होने लगीं।
घर पर दवा लेने से राहत नहीं मिली। कई लोग चक्कर खाकर गिर पड़े। परिजन घबराकर उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। कई बुजुर्गों की हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। सोसाइटियों में अब भी कई लोग पेट दर्द और कमजोरी से जूझ रहे हैं।
अस्पतालों में मची अफरातफरी
यथार्थ अस्पताल, नोएडा एक्सटेंशन प्रबंधन के अनुसार रविवार को कुल 28 मरीज पहुंचे, जिनमें 15 महिलाएं, 7 पुरुष और 6 बच्चे शामिल थे। सभी को लूज मोशन, सिरदर्द और डायरिया की शिकायत थी।
रात करीब 10 बजे से मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई। तीनों सोसाइटियों के नजदीक होने के कारण न्यूमिड अस्पताल में सबसे अधिक भीड़ रही। एक साथ बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने पर अस्पताल प्रबंधन को गैलरी में स्ट्रेचर लगाकर इलाज करना पड़ा। रात एक बजे तक मरीज आते रहे। सभी में एक जैसे लक्षण पाए गए।
चिपियाना बुजुर्ग की फैक्टरी का निकला आटा
जांच में सामने आया कि कुट्टू का आटा चिपियाना बुजुर्ग स्थित एचडी स्पाइसेज नामक फैक्टरी में तैयार हुआ था। खाद्य विभाग की टीम ने फैक्टरी पर छापा मारकर उसे सील कर दिया।
बताया गया कि फैक्टरी का पंजीकरण वर्ष 2021 में गाजियाबाद के पते पर हुआ था, जबकि संचालन गौतमबुद्धनगर में किया जा रहा था। ब्रांडिंग पर भी गाजियाबाद का पता दर्ज था। मौके पर कुट्टू का आटा नहीं मिला, क्योंकि पूरा स्टॉक पहले ही सप्लाई किया जा चुका था। टीम ने हल्दी और मिर्च पाउडर के नमूने भी भरे हैं। लाइसेंस संबंधी अनियमितता मिलने पर इकाई को सील कर दिया गया।
फैक्टरी संचालक विश्वेंद्र सिंह के खिलाफ बिसरख कोतवाली में तहरीर दी गई है। आरोप है कि वह 2021 से मिलावटी आटा सप्लाई कर रहा था।
बिना लाइसेंस चल रहा था स्टोर
रॉयल कोर्ट सोसाइटी के लोगों ने सोसाइटी मार्केट स्थित प्रशांत स्टोर से आटा खरीदा था। जांच में स्टोर संचालक के पास लाइसेंस नहीं मिला, जिसके बाद उसे सील कर दिया गया।
सुपरटेक इको विलेज-3 में विकास जनरल स्टोर और हिमालय प्राइड स्थित अपना स्टोर से भी नमूने लिए गए हैं। तीनों स्थानों से एक-एक सैंपल भरा गया और शेष आटा सीज कर दिया गया। बताया गया कि लोग एक ही ब्रांड का आटा खाने से बीमार हुए।
बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर
रॉयल कोर्ट और हिमालय प्राइड सोसाइटी में कई परिवार पूरे के पूरे अस्पताल में भर्ती हैं। 6 से 14 वर्ष तक के बच्चे भी बीमार पड़े हैं।
सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों को हुई है। कई की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
अन्य क्षेत्रों से भी मामले
क्रॉसिंग रिपब्लिक की जीएस-7 सोसाइटी का एक परिवार भी सर्वोदय अस्पताल में भर्ती है। पीड़ित मनीष ने बताया कि कुट्टू का आटा खाने के बाद उनके पिता की हालत गंभीर हो गई।
अच्छेजा गांव की दो कॉलोनियों के नौ से अधिक लोग भी बीमार पड़े। सभी का बादलपुर सीएचसी में उपचार चल रहा है।
विभाग का बयान
सहायक आयुक्त खाद्य सर्वेश कुमार ने कहा कि सूचना मिलते ही बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया। तीनों सोसाइटियों से नमूने लिए गए हैं और फैक्टरी को सील कर दिया गया है। अन्य स्थानों पर भी छापेमारी जारी है।
कार्रवाई जारी
खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।





