
अंतरराष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस पर धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल में भावनात्मक आयोजन
स्टार न्यूज़ टेलीविजन
नई दिल्ली : धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल, वसुंधरा एन्क्लेव, दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस के अवसर पर एक भावनात्मक और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नन्हे कैंसर योद्धाओं, सर्वाइवर्स और उनके परिवारों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, अभिभावकों और अस्पताल स्टाफ ने मिलकर गतिविधियों, मनोरंजन और प्रेरक अनुभवों के साथ एक यादगार सुबह बिताई।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने मैजिक शो का आनंद लिया और चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी भावनाओं को रचनात्मक रूप से व्यक्त किया। बाल कैंसर सर्वाइवर्स ने अपनी साहसिक यात्राएं साझा कीं, वहीं परिवारों ने उपचार के दौरान सामने आई चुनौतियों और उम्मीद की कहानियों को साझा किया। आयोजन ने उत्सव, रचनात्मकता और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत किया।
सीनियर कंसल्टेंट, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी, डॉ. मेघा सरोहा ने बताया कि भारत में हर वर्ष लगभग 50 हजार बच्चों में कैंसर का निदान होता है। उन्होंने कहा कि ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और विल्म्स ट्यूमर सहित विभिन्न प्रकार के बाल कैंसर का इलाज संभव है, यदि समय पर पहचान और समुचित उपचार मिले। उन्होंने बच्चों के साहस और सकारात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि ये नन्हे योद्धा हर दिन बड़ी चुनौतियों का सामना करते हुए भी मुस्कुराना और सपने देखना नहीं छोड़ते।
इस अवसर पर नारायणा हेल्थ के डायरेक्टर एवं क्लस्टर हेड दिल्ली एनसीआर एवं कॉरपोरेट ग्रोथ, डॉ. अजय कोहली ने कहा कि अस्पताल करुणा और संवेदनशीलता के साथ विश्वस्तरीय ऑन्कोलॉजी सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका संकल्प है कि कोई भी बच्चा कैंसर की लड़ाई अकेले न लड़े और अस्पताल हर कदम पर बच्चों तथा उनके परिवारों के साथ खड़ा रहे।
कार्यक्रम में धर्मशिला कैंसर फाउंडेशन की संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. एस. खन्ना ने माता-पिता को साहस और आशा बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार, चिकित्सकीय टीम पर विश्वास और परिवार का अटूट सहयोग बच्चों को इस कठिन लड़ाई में विजयी बना सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस का यह आयोजन न केवल एक उत्सव था, बल्कि बच्चों के अदम्य साहस, दृढ़ता और जिजीविषा को नमन करने का अवसर भी बना। अस्पताल ने नन्हे कैंसर योद्धाओं के लिए समग्र देखभाल और उज्जवल भविष्य के अपने संकल्प को पुनः दोहराया।








