
आज से संसद का बजट सत्र शुरू, राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगा आगाज़
वीना टंडन
नई दिल्ली |
देश की संसद में आज से बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। बुधवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ इस महत्वपूर्ण सत्र का शुभारंभ होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी।
बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल को समाप्त होगा। इस दौरान कुल 30 बैठकें प्रस्तावित हैं।
दो चरणों में चलेगा सत्र, बजट पर रहेगी सबकी नजर
पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर सामान्य चर्चा होगी। इसके बाद अवकाश रहेगा। सदन की कार्यवाही 9 मार्च से दोबारा शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगी। उल्लेखनीय है कि 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद बजट प्रस्तुति के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिसे लेकर देशभर में उत्सुकता बनी हुई है।
सत्र से पहले विपक्ष की रणनीति बैठक
बजट सत्र से पहले विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। बुधवार सुबह 10 बजे विपक्षी दलों की बैठक प्रस्तावित है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने सोनिया गांधी की अध्यक्षता में अपने संसदीय रणनीति समूह की बैठक की, जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी शामिल हुए।
बैठक के बाद कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि पार्टी सत्र के दौरान मनरेगा (MGNREGA) को प्रमुख मुद्दा बनाएगी। इसके अलावा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), पर्यावरण से जुड़े सवाल, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और विदेश नीति से संबंधित मुद्दों को भी संसद में उठाने का फैसला किया गया है।
सरकार ने भी कसी कमर, सर्वदलीय बैठक आयोजित
सत्र के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू, कांग्रेस नेता जयराम रमेश सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सरकार का कहना है कि वह चाहती है कि संसद की कार्यवाही बिना किसी व्यवधान के चले। वहीं विपक्ष भी एकजुट होकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। इसी क्रम में, मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार सुबह संसद परिसर में विपक्षी दलों की एक और बैठक बुलाकर साझा रणनीति बनाने का आह्वान किया है।
बजट सत्र के दौरान जहां सरकार की आर्थिक नीतियां केंद्र में रहेंगी, वहीं विपक्ष सामाजिक, रोजगार और संवैधानिक मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की पूरी कोशिश करेगा। आने वाले दिन संसद में तीखी बहस के संकेत दे रहे हैं।



