
अब खबर नहीं, कहानी कहेंगी नीरू शर्मा; ‘बांद्रा बॉय’ की फिल्मी दुनिया में दस्तक
पहली फिल्म ‘बांद्रा बॉय’ फिल्म समारोहों की दौड़ में
वीना टंडन
मुंबई/नई दिल्ली, । मनोरंजन पत्रकारिता में दो दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहने के बाद वरिष्ठ पत्रकार नीरू शर्मा ने अब फिल्म निर्देशन और लेखन की दुनिया में कदम रखा है। उनकी पहली शॉर्ट फिल्म ‘बांद्रा बॉय’ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भेजी गई है और जल्द ही विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर प्रदर्शित होने की उम्मीद है।
नीरू शर्मा ने अपने पत्रकारिता करियर के दौरान आज तक, न्यूज 24, ई-24 और सहारा इंडिया जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में काम करते हुए बॉलीवुड और टेलीविजन जगत को करीब से कवर किया। वर्षों तक फिल्मी सितारों के इंटरव्यू, फिल्मों की रिपोर्टिंग और मनोरंजन जगत की गतिविधियों को दर्शकों तक पहुंचाने के बाद उन्होंने कैमरे के दूसरी तरफ खड़े होकर अपनी कहानियां कहने का फैसला किया।
फिल्म निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते हुए नीरू शर्मा ने मुंबई के प्रतिष्ठित संस्थान व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल से निर्देशन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वह संस्थान की पूर्व छात्रा भी हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्क्रीनराइटिंग में डिप्लोमा हासिल किया और वर्ष 2015 से सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं।
अपने रचनात्मक सफर के दौरान उन्हें वरिष्ठ अभिनेता बोमन ईरानी का मार्गदर्शन मिला, जबकि प्रसिद्ध पटकथा लेखक अंजुम राजाबली और मयूर पुरी से भी सीखने का अवसर प्राप्त हुआ। इस अनुभव ने उन्हें पटकथा लेखन, चरित्र निर्माण और सिनेमाई कहानी कहने की गहरी समझ प्रदान की।
मीडिया नैरेटिव और सामाजिक पूर्वाग्रहों पर आधारित है फिल्म
‘बांद्रा बॉय’ 21 मिनट की एक थ्रिलर फिल्म है, जिसे नीरू शर्मा ने स्वयं लिखा, निर्मित और निर्देशित किया है। फिल्म मीडिया नैरेटिव, जनधारणा और सामाजिक पूर्वाग्रहों जैसे समकालीन विषयों को केंद्र में रखती है।
फिल्म यह सवाल उठाती है कि कई बार तथ्यों के सामने आने से पहले ही लोगों के बारे में राय कैसे बना ली जाती है और कैसे धारणाएं धीरे-धीरे “सच” का रूप ले लेती हैं। सोशल मीडिया और वायरल सूचनाओं के दौर में यह विषय और अधिक प्रासंगिक हो गया है।
फिल्म में अहवान कुमार मुख्य भूमिका में नजर आएंगे, जबकि गुजराती और मराठी सिनेमा के चर्चित अभिनेता धर्मेंद्र गोहिल एक महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे हैं। कलाकारों की टीम में लोचन बरसागड़े, यश पेडणेकर, पवन तिवारी और श्याम थोंबरे भी शामिल हैं।
पत्रकार से फिल्मकार तक का सफर
नीरू शर्मा का मानना है कि पत्रकारिता के दौरान उन्होंने ऐसे कई घटनाक्रम देखे, जहां अधूरी जानकारी और धारणाएं लोगों की सोच को प्रभावित करती हैं।
उनके अनुसार, “एक पत्रकार के रूप में मैंने देखा है कि धारणाएं कितनी तेजी से बनती हैं और कई बार वही स्वीकार्य सच बन जाती हैं। ‘बांद्रा बॉय’ उसी दुनिया की कहानी कहती है।”
फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि पत्रकारिता से फिल्म निर्माण की ओर सफलतापूर्वक कदम बढ़ाने वाले लोगों की संख्या सीमित रही है। ऐसे में नीरू शर्मा का यह सफर विशेष महत्व रखता है।
वर्षों तक दूसरों की कहानियां दुनिया तक पहुंचाने के बाद अब नीरू शर्मा अपनी रचनात्मक दृष्टि के साथ दर्शकों के सामने एक नई कहानी लेकर आई हैं। ‘बांद्रा बॉय’ उनके करियर के एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।





