
कागजों में ‘कार्य पूर्ण’, हकीकत में बूंद-बूंद को तरसे लोग:4 साल से नहीं पहुंचा जल जीवन मिशन का पानी
स्टार न्यूज़ टेलिविजन
राकेश पाण्डेय
वाराणसी: प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल-जल जीवन मिशन’ योजना रोहनिया थाना क्षेत्र के हरिहरपुर, गोविंदपुर ग्राम सभा में महज बोर्ड तक सिमट कर रह गई है। योजना का कार्य 16 जून 2024 को पूर्ण दिखाया जा चुका है, लेकिन हकीकत यह है कि 4 वर्षों से यहां के ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।
*382.53 लाख खर्च, फिर भी सूखे नल*
जल निगम (ग्रामीण) वाराणसी की कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड द्वारा 17 सितंबर 2022 को शुरू की गई ‘हरिहरपुर पेयजल योजना’ पर 38.253 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके तहत पानी टंकी का निर्माण, बोरिंग, 15,263 मीटर भूमिगत पाइप लाइन बिछाई गई। 1000 घरों में नल कनेक्शन भी दिए गए। फिटर रूम बनाकर उस पर ताला भी लगा दिया गया। बोर्ड पर साफ लिखा है- *कार्य पूर्ण होने की तिथि: 16 जून 2024*। लेकिन नलों से आज तक पानी नहीं टपका।
*”सुबह-सुबह पानी मांगने में आती है शर्म”*
स्थानीय लोगों का दर्द छलक उठा। ग्रामीणों ने बताया कि 5000 की आबादी वाले इस गांव में लोग जैसे-तैसे पड़ोसियों के घरों, निजी बोरिंग या दूर लगे हैंडपंप से पानी लाकर काम चला रहे हैं।
एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “सुबह-सुबह किसी के दरवाजे पर बाल्टी लेकर जाना पड़ता है। शर्म आती है। कई बार तो लोग पानी देने में कतराते हैं, मना कर देते हैं। बच्चे-बूढ़े सब परेशान हैं।”
*4 साल से सिर्फ इंतजार*
ग्रामीणों का आरोप है कि 4 साल से वे सिर्फ आश्वासन पा रहे हैं। न टंकी में पानी चढ़ा, न पाइप में सप्लाई शुरू हुई। योजना का बोर्ड और बंद पड़े फिटर रूम का ताला सिस्टम की नाकामी की गवाही दे रहे हैं।
*प्रशासन मौन, जनता बेहाल*
इतनी बड़ी राशि खर्च होने और कार्य पूर्ण का बोर्ड लगने के बाद भी पानी न मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। न ग्राम प्रधान, न जल निगम के अधिकारी सुनवाई कर रहे हैं।
‘हर घर जल’ का सपना हरिहरपुर-गोविंदपुर में सिर्फ बोर्ड और कागजों तक ही सीमित रह गया है। करोड़ों की योजना के बाद भी जनता प्यास बुझाने के लिए दूसरों के दरवाजे पर खड़ी है।






