
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत में इंडक्शन हीटर और कुकिंग उपकरणों के उत्पादन बढ़ाने पर बैठक
वीना टंडन
नई दिल्ली। ईरान में युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन में आई बाधाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने इंडक्शन हीटर और कुकिंग उपकरणों के उत्पादन को बढ़ाने के उपायों पर बैठक की। इसका उद्देश्य घरेलू स्तर पर कुकिंग गैस की खपत कम करना और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद से इंडक्शन हीटर और अन्य इलेक्ट्रिक उत्पादों की मांग में तेज वृद्धि देखी जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि यह युद्ध लंबे समय तक चलता है, तो भारत को संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई है जब सरकार लगातार लंबे संघर्ष की स्थिति में आयात पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन कर रही है। विशेष चिंता तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात में संभावित बाधाओं को लेकर है। सरकार ने पहले ही कई पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क कम कर रखा है ताकि सप्लाई बनी रहे और लागत का दबाव कम हो।
सूत्रों ने बताया कि सरकार का मुख्य फोकस जरूरी उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखना और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आयात पर निर्भरता कम करना है। कतर में एक बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) प्लांट को हुए नुकसान और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की संभावनाओं ने ऊर्जा सप्लाई की अनिश्चितता और बढ़ा दी है।
भारत ने इस स्थिति से निपटने के लिए अपने तेल आयात स्रोतों में विविधता लाई है। अब रूस, नाइजीरिया और अंगोला जैसे अफ्रीकी देशों के अलावा अमेरिका से भी गैस की आपूर्ति ली जा रही है।
वहीं, संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि अमेरिकी सेना अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर ‘बेहद कड़ा प्रहार’ करेगी और इसे ‘स्टोन एजेज यानी पाषाण युग’ में वापस ले जाएगा। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उस समय मध्य पूर्व में न तो तेल था और न ही गैस का उत्पादन होता था। ईरान ने युद्धविराम और 15-सूत्रीय शांति योजना की खबरों को ‘एकतरफा और अव्यवहारिक’ बताते हुए खारिज कर दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में यह अनिश्चितता भारत के ऊर्जा और आयात रणनीति पर सीधा प्रभाव डाल सकती है। बैठक में घरेलू उत्पादन बढ़ाने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा हुई।