DelhiNewsताज़ा तरीन खबरें

दिल्ली-एनसीआर की हवा और जहरीली, ग्रेटर नोएडा सबसे प्रदूषित

नई दिल्ली ।दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक स्तर छू लिया है। विशेषज्ञों के अनुसार हवा की रफ्तार बेहद कम होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फैल नहीं पा रहे हैं, जिससे हवा मानकों से सवा तीन गुना अधिक जहरीली हो गई है। अगले तीन दिनों तक लोगों को प्रदूषण से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक ग्रेटर नोएडा, नोएडा और गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। ग्रेटर नोएडा सबसे प्रदूषित रहा, जहां एक्यूआई 434 रिकॉर्ड किया गया, जो एक दिन पहले 395 था। नोएडा और गाजियाबाद में एक्यूआई 414 दर्ज किया गया। वहीं दिल्ली का औसत एक्यूआई 390 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है और ‘गंभीर’ स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है।
रविवार को दिन में तीन बजे दिल्ली-एनसीआर में पीएम-10 का औसत स्तर 335.6 और पीएम-2.5 का औसत स्तर 215.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। जबकि स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित सीमा पीएम-10 के लिए 100 और पीएम-2.5 के लिए 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर मानी जाती है। इस आधार पर हवा में मानकों से सवा तीन गुना ज्यादा प्रदूषण मौजूद है।
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में हवा की गति अधिकतर समय 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम बनी हुई है, जिससे प्रदूषक कण जमा हो रहे हैं। वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के मुताबिक सोमवार से बुधवार तक हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रह सकती है, जबकि गुरुवार से इसके ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ के बीच बने रहने की आशंका है।
हालांकि पहली जनवरी को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम विभाग ने सोमवार सुबह बेहद घने कोहरे के लिए ऑरेंज अलर्ट और मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पहली जनवरी को कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे प्रदूषण के कणों को छटने में मदद मिल सकती है।
सीपीसीबी के अनुसार रविवार को दिल्ली के 18 इलाकों में एक्यूआई 400 के पार यानी ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया। आनंद विहार और शादीपुर में एक्यूआई 447, विवेक विहार में 437, वजीरपुर में 436, रोहिणी में 433, जहांगीरपुरी में 432, अशोक विहार में 431, नेहरू नगर में 427, नरेला में 424 और चांदनी चौक में 417 रिकॉर्ड किया गया। प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर ने लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Check Also
Close
Back to top button