
पीएम के चुनाव क्षेत्र में फुलवरिया लेन पर लगा टायर किलर सिस्टम चौपट आंख मूंदे है जिम्मेदार
स्टार न्यूज़ टेलीविजन
राकेश पाण्डेय
वाराणसी:मिट्टी लदी ट्राली ढेला टोटो लेकर निकले भइया को जल्दी थी। दिन भर में दो-चार चक्कर ज्यादा लग जाएं तो कमाई भी कुछ बढ़ जाए। सही रास्ते से जाएंगे तो दूरी बढ़ेगी और समय भी लगेगा।
इसलिए फुलवरिया फोरलेन के आरओबी पर पहुंचते ही गाड़ी दूसरी तरफ मोड़ दी। सामने टायर किलर लगा था, मगर भइया को इसकी परवाह कहां, गाड़ी चढ़ा दी उसी के ऊपर।
*ट्रैक्टर चालकों की मनमानी का शिकार हुआ सिस्टम*
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मिट्टी लदे वाहन के गुजरने से टायर किलर में मिट्टी भर गई। भइया तो अपनी राह पकड़कर निकल लिए, मगर पीछे मिट्टी से पटा टायर किलर अपनी उपयोगिता खो बैठा। अब न किसी को रोक पा रहा है, न रांग साइड चलने वालों पर कोई असर डाल पा रहा है। फुलवरिया फोरलेन का आरओबी शहर को जाम से राहत दिलाने की उम्मीद के साथ बनाया गया था।
*लोगों की सुविधा और आवागमन में होती थी काफी आसानी*
इसके बनने से लोगों को आवागमन में सहूलियत मिली, लेकिन कुछ वाहन चालकों की आदत ने इस राहत को फिर मुश्किल में डाल दिया। जल्दी निकलने के चक्कर में रांग साइड चलने वाले वाहन यातायात व्यवस्था बिगाड़ने लगे और हादसों का खतरा भी बढ़ने लगा। इससे निपटने के लिए यातायात पुलिस ने सितंबर 2025 में यहां टायर किलर लगवाया था। मकसद था कि गलत दिशा से आने वाले वाहनों को रोककर यातायात सुचारु रखा जाए।
*मानीटरिग नहीं होती रखरखाव में लापरवाही*
टायर किलर लगने के बाद इसके परीक्षण की खबरें भी आईं। हालांकि, भारी वाहनों की आवाजाही और देखरेख के अभाव में यह पहले भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। जुलाई 2026 में भी एक बार यह धूल फाक चुका है। अब स्थिति यह है कि उपकरण में मिट्टी भरी होने के कारण वह बेअसर पड़ा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मिट्टी जमा हुए एक महीने से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक उसकी सफाई नहीं कराई गई है। न मिट्टी हटाई गई और न ही टायर किलर को सही करने कोई आ रहा है।




